सीरिया में अमेरिका-रुस समेत 15 देश युद्ध विराम पर सहमत...लेकिन विदेशी दख़ल पर रुसी PM का सख़्त ऐतराज़

युद्ध ग्रसित सीरिया के अंदर एक सप्ताह बाद युद्ध विराम और मानवीय मदद बढाए जाने के लिए आपसी सहमति जताई गई...इस बाबत क़रीब 15 देशों के साथ अमेरिकी विदेश...

सीरिया में अमेरिका-रुस समेत 15 देश युद्ध विराम पर सहमत...लेकिन विदेशी दख़ल पर रुसी PM का सख़्त ऐतराज़

john-kerry-has-been-pushing-for-air-strikes-in-syriaयुद्ध ग्रसित सीरिया के अंदर एक सप्ताह बाद युद्ध विराम और मानवीय मदद बढाए जाने के लिए आपसी सहमति जताई गई...इस बाबत क़रीब 15 देशों के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनके समकक्ष रुसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच एक लंबी बैठक हुई....जिसके बाद सीरिया में राष्ट्र व्यापी युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई गई.... इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय सीरिया सहायता समूह ने भी युद्ध ग्रसित सीरिया में तेज़ी के साथ मानवीय मदद पहुंचाने पर सहमति जताई ।

मदद को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मदद की खेप का निरंतर वितरण एक सप्ताह के अंदर शुरु हो जाएगा...ये काम पहले उन जगहों पर होगा जहां मदद की ज़्यादा ज़रुरत है...इसके बाद देश के उन लोगों को मदद पहुंचाई जाएगी जो या तो दुरुह इलाक़ों या फिर जहां-तहां घेरेबंदी में फंसे हुए हैं

इसके अतिरिक्त अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने ये भी कहा कि विद्रोहियों और सरकार के बीच शांति बहाली का रास्ता भी जल्द निकाल लिया जाएगा...आपको बता दें कि पिछले दिनों शांति वार्ता का रास्ता तब अवरुद्ध हो गया जब सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने रुसी बमवर्षकों और ईरानी लड़ाकों की सहायता लेकर विद्रोहियों के अहम ठिकाने अलेप्पो पर हमला किया था।

लेकिन अब जॉन केरी ने उम्मीद जताई कि सीरिया शासन के साथ वार्ता जल्द ही अपने मुक़ाम पर पहुंचेगी..लेकिन साथ ही चुनौती भी दी कि “अभी हमारे पास कागज़ पर लिखे शब्द हैं...हमें भविष्य में ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई देखने की ज़रुरत है”।

वहीं बैठक की मेज़बानी कर रहे जर्मन विदेश मंत्री फ्रैंक-वाल्टर स्टीन्मीयर ने कहा कि “सीरिया में युद्ध विराम पर बनी सहमति एक सफलता है या नहीं इसके लए हमें आगामी दिनों की तस्वीर देखने का इंतज़ार करना होगा”

उन्होंने ये भी कहा कि “सफलता इस बात पर निर्भर करेगी : जब पूरी दुनिया देखेगी कि क्या आज हुई युद्ध विराम समझौते का असद शासन,सीरिया का विपक्ष,हिजबुल्ला,विपक्षी मिलिशिया और रुस अमल पालन करते हैं...”।

बहरहाल ये समग्र बातचीत ऐसे माहौल में हुई है जब रुसी प्रधानमंत्री दमित्रि मेदवेदेव ने विद्रोही विपक्ष के समर्थन में खाड़ी देशों के सेना को भेजने की स्थिति में एक और विश्व युद्ध की चेतावनी तक दे दी है...उन्होंने कहा कि यदि सीरिया में अरब ताकतों का प्रवेश होता है....तो यह युद्ध...विश्व युद्ध में बदल सकता है...इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि हमें संघर्षविराम पर गंभीरता से विचार करना चाहिए...दमित्री से अरब देशों के उस प्रस्ताव के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका के नेतृत्व में इस संघर्ष में शामिल होने के लिए रखा था... इस पर दमित्री ने कहा कि ऐसा अगर  होता है तो इस युद्ध स्थाई होने से कोई नहीं रोक सकता।

उधर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि “पूर्ण संघर्ष विराम की जगह सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों पर विराम” शब्दों का जानबूझकर प्रयोग किया गया..उन्होंने कहा कि ये इस्लामिक स्टेट समूह और अलक़ायदा से जुडे अल नुसरा के आतंकवादी संगठनों के अलावा सभी समूहों पर लागू होगा।