सुप्रीम कोर्ट के आदेश वापस से अरुणाचल में सरकार बनने का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट के आदेश वापस लेने के बाद अरुणाचल प्रदेश में सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। अदालत के इस आदेश से कांग्रेस को झटका लगा है। शीर्ष अदालत...

सुप्रीम कोर्ट के आदेश वापस से अरुणाचल में सरकार बनने का रास्ता साफ

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश वापस लेने के बाद अरुणाचल प्रदेश में सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। अदालत के इस आदेश से कांग्रेस को झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने राज्य में सरकार गठन करने को मंजूरी दे दी है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की थी। उधर सोमवार को कांग्रेस के असंतुष्ट नेता कोलिखो पुल ने 31 विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। पुल के साथ कांग्रेस के 19 विधायक और भाजपा के 11 तथा दो निर्दलिय विधायक शामिल थे।

पिछले साल अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में दो निर्दलीय समेत कांग्रेस पार्टी के कुल 21 विधायकों ने अपनी ही पार्टी और मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत कर दिया था। नबाम तुकी औक कालिखो पुल के बीच विवाद के संकट काफी गहरा गया था। पुल चाहते थे कि तुकी की जगह उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। इस खीचतान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया और इस साल 26 जनवरी को प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। दिसंबर में कांग्रेस ने दावा किया था कि पूर्व विधानसभा स्पीकर नबम रेबिया ने 14 विधायकों को अयोग्य कर दिया था। पार्टी बागियों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद शीर्ष अदालत ने स्टे लगा दिया था। अब अदालत ने यथास्थिति का फैसला वापस ले लिया है जिससे प्रदेश में सरकार गठन का रास्ता खुल गया है।