राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरु हुआ बजट सत्र, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता

संसद के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में कहा कि सबका साथ सबका विकास सरकार का मंत्र है। गरीब से गरीब व्यक्ति...

राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरु हुआ बजट सत्र, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता

pranabसंसद के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने अभिभाषण में कहा कि सबका साथ सबका विकास सरकार का मंत्र है। गरीब से गरीब व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण के मुख्य अंश

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता

किसानों के लिए 24 घंटे का टीवी चैनल शुरू किया गया

कम प्रीमियम पर फसल की सुरक्षा मिलेगी

पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत हर खेत में पानी पहुंचाने का काम हो रहा है

ऑर्गैनिक खेती के विकास के लिए विशेष योजना बनाई गई

किसानों को 33 प्रतिशत फसल नुकसान पर मुआवजा दिया जाएगा

बीमा, पेंशन योजना का लाभ भी सीधे ज़रूरतमंदों को

SC/ST कानून का सख्ती से पालन हो

सरकार का 2 करोड़ घर बनाने की लक्ष्य

2022 तक सबको घर देने का लक्ष्य

गरीबों की उन्नति, किसानों की समृद्धि, युवाओँ को रोजगार पर काम कर रही सरकार

मोदी को सकारात्मक चर्चा की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है। सवा सौ करोड़ देशवासियों की निगाहें संसद पर और संसद की कार्यवाही पर हैं। विश्व का ध्यान भी बजट सत्र पर है। विपक्ष ने चर्चा का भरोसा दिया है। सत्र को लेकर कई दिनों तक विपक्ष के साथ विचार-विमर्श किया गया। बजट सत्र में सकारात्मक चर्चा की उम्मीद है।

हंगामे के चलते पिछले सत्रों में नहीं हुआ काम
संसद के पिछले मॉनसून और शीतकालीन सत्रों में विपक्ष के हंगामे की वजह से कामकाज नहीं ठप रहा। विधायी काम ठप होने से परेशान सरकार इस बार विपक्ष पर भरोसा जताती दिख रही है। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, मीटिंग के माहौल से मैं खुश हूं। कुछ पार्टियों ने कुछ मुद्दे उठाने की मांग की है। हम हर मुद्दे पर बहस को तैयार हैं।


सख्त नजर आईं वाम पार्टियां
बजट सत्र से पहले सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में वाम दल सख्त तेवर में नजर आई। वाम दलों ने सरकार से मांग की कि वह सदन में पूरी वस्तुस्थिति साफ करे, जिसकी वजह से जेएनयू मामला इतना तूल पकड़ गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। सरकार को सदन चलाने में सहयोग का भरोसा तो दिया लेकिन जेएनयू से लेकर पटियाला हाउस में हुई मारपीट तक और पठानकोट हमले से लेकर अरुणाचल तक के मुद्दे पर सरकार को अपनी स्थिति साफ़ करने को कहा।

कई अहम बिल होने हैं पास
सरकार ने जीएसटी बिल समेत रीयल स्टेट बिल तक कई अहम बिलों को पास कराने की योजना बना रखी है। लेकिन विपक्ष जीएसटी जैसे बिल पर अपने संशोधनों की मांग पर अब भी अड़ा है। विपक्ष से मिले भरोसे के बूते सरकार सदन का काम काज सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जता रही है। लेकिन उसे भी पता है कि विपक्षी दलों का भरोसा शर्तों के साथ है। सदन में अपनी आवाज़ न सुनी जाने का आरोप लगा कर विपक्ष कभी भी हंगामा खड़ा कर सकती है।