उमर खालिद और उसके साथियों के गिरफ्तारी पर रोक नहीं, जहां चाहे वहां सरेंडर करेंः हाईकोर्ट

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में सभा के दौरान देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद और उसके साथियों की अपील पर हाईकोर्ट ने कहा कि इन छात्रों की...

उमर खालिद और उसके साथियों के गिरफ्तारी पर रोक नहीं, जहां चाहे वहां सरेंडर करेंः हाईकोर्ट

umar highजवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय में सभा के दौरान देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद और उसके साथियों की अपील पर हाईकोर्ट ने कहा कि इन छात्रों की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगेगी, ये छात्र जहां चाहे वहां सरेंडर कर सकते हैं। उधर अदालत बुधवार को आरोपी छात्रों की याचिका पर सुनवाई करेगा।

ज्ञात हो कि उमर खालिद और उसके साथियों ने सरेंडर के दौरान सुरक्षा देने का निवेदन किया है। वहीं आज हाईकोर्ट में जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया की जमानत पर सुनवाई टल गई है। इस पर अब अगले दिन यानी बुधवार को सुनवाई होने की संभावना है।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक रिपोर्ट तैयार की है जो बारह पेज में है। इस रिपोर्ट में 29 नारों का जिक्र है किया गया है लेकिन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा इसमें शामिल नहीं है।यह रिपोर्ट दक्षिण जिले के डीसीपी प्रेमनाथ ने सौंपी है। रिपोर्ट में आई विटनेस के बयान हैं। इनमें जेएनयू के छात्र और स्टॉफ शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार इन लोगों ने बताया कि कार्यक्रम में कुछ नारे लगे थे लेकिन पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे नहीं लगे। इस बाबत दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को एक न्यूज चैनल के फुटेज के आधार पर एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे भी थे। ज्ञात हो कि जेएनयू कैम्पस में 9 फरवरी की रात को हुई सभा में कुछ छात्रों पर पाकिस्तान जिंदाबाद जैसे देशद्रोही नारे लगाने का आरोप है।

उधर हाईकोर्ट जेएनयू में पुलिस की एंट्री और आरोपी छात्रों को गिरफ्तार करने को लेकर दिशा निर्देश पर भी एक याचिका की सुनवाई करेगा।


वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पैरवी कर रहेवकी शैलेंद्र बब्बर ने कहा कि हमारे पास कन्हैया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। कोर्ट में हम उसे जमानत दिए जाने का विरोध करेंगे। उधर वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कन्हैया से कोर्ट परिसर में मारपीट करने वाले वकीलों पर अवमानना के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप कंटेम्प्ट प्रोसीडिंग्स के लिए याचिका दायर करें फिर सुनवाई होगी।