जेएनयू विवादः खालिद और भट्टाचार्य ने किया सरेंडर, अदालत में आज पेश हो सकते है

देश विरोधी नारे लगाने का आरोप झेल रहे जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्या ने मंगलवार देर रात दिल्‍ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।...

जेएनयू विवादः खालिद और भट्टाचार्य ने किया सरेंडर, अदालत में आज पेश हो सकते है

New Delhi: Student activist Umar Khalid (C) on the campus of Jawaharlal Nehru University (JNU) in New Delhi on Monday. Khalid, one of the five students accused of sedition, returned to the University campus on Sunday. PTI Photo by Kamal Kishore  (PTI2_22_2016_000202B)

देश विरोधी नारे लगाने का आरोप झेल रहे जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्या ने मंगलवार देर रात दिल्‍ली पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दोनों छात्रों को जेएनयू के प्रशासनिक ब्‍लॉक से यूनिवर्सिटी के मेन गेट तक लाया गया और एक निजी सुरक्षा वाहन में वसंत विहार पुलिस स्‍टेशन ले जाया गया। इस दौरान यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। जानकारी के अनुसार दोनों को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। पुलिस ने यह बताने से इनकार कर दिया कि दोनों आरोपी छात्रों को कहां ले जाया गया।
उधर पुलिस दोनों आरोपी छात्रों को आज मजिस्‍ट्रेट के सामने पेश कर सकती है। बता दें कि जेएनयू विवाद में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और भट्टाचार्य के अलावा अन्य आरोपी छात्र रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश है। जो अभी भी छिपे हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने बीस फरवरी को खालिद, भट्टाचार्य, नागा, आशुतोष और प्रकाश के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था। इसके कुछ दिनों के बाद खालिद और भट्टाचार्या गुप्त तरीके से जेएनयू कैंपस पहुंचे और अपने साथियों को संबोधित किया था और कहा था कि मेरा नाम उमर खालिद है लेकिन मैं आतंकी नहीं हूं। इस बीच जब खालिद ने सरेंडर करने के लिए सुरक्षा की बाबत हाईकोर्ट से अपील की थी तो कोर्ट ने उसे अपनी इच्छा के मुताबिक सरेंडर करने को कहा था। जब खाालिद ने कैंपस में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया तो विश्वविद्यालय के छात्रों ने आज शाम खालिद और भट्टाचार्या के कैंपस से जाते समय मीडिया को उनका पीछा करने से रोकने के लिए मानव श्रृंखला बनाई थी। खालिद और भट्टाचार्य उन पांच छात्रों में हैं, जिन्होंने संसद भवन हमले के दोषी अफजल गुरु की नौ फरवरी को बरसी के मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रविरोधी नारेबाजी की थी।

छात्रों के सरेंडर किए जाने के बाबत जेएनयू के एक प्रोफेसर ने कहा कि 'ये लोग खुद ही सरेंडर करना चाहते थे, इसलिए कोर्ट के समक्ष गए थे। लिहाजा, कोर्ट के आदेशानुसार इन लोगों ने सरेंडर किया।' उन्‍होंने कहा कि 'इनके देर रात सरेंडर किए जाने के बाद उम्‍मीद है कि ये लोग सुरक्षित रहेंगे और इनके साथ ऐसा न हो जैसा कि कन्‍हैया के साथ हुआ। वहीं इस मामले में जेएनयू के टीचर एसोसिएशन की मांग है कि मामले की आंतरिक जांच हो और छात्र उसमें सहयोग करते हुए अपना पक्ष रखें।'  उधर वीडियो के संबंध में शिक्षकों का कहना है कि 'देशविरोधी नारेबाजी करने वालों के समर्थन में हम लोग नहीं हैं, लेकिन नारेबाजी करने वाले कौन लोग थे ये जांच समिति द्वारा पता लगाया जाएगा।'


इस बीच जेएनयू छात्र संघ की उपाध्‍यक्ष शेहला राशिद से पूछे जाने पर शेहला ने कहा कि ' उमर और अनिर्बान न्यायपालिका में विश्वास है।'


वहीं कुछ समय पहले दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा था कि अगर जेएनयू के पांचों आरोपी छात्र जांच अधिकारियों के साथ सहयोग नहीं करते हैं, तो पुलिस अपने विकल्पों का उपयोग करने में संकोच नहीं करेगी। उन्होंने कहा था कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि संबंधित कार्यक्रम में देशविरोधी भाषण हुए और नारेबाजी की गई। हम जानते हैं कि कुछ लोग इसमें शामिल हैं जो इसके बाद फरार हो गए थे और अब लौट आए हैं। छात्रों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि देशद्रोह के प्रावधान को हटाना अनुचित रहेगा और राष्ट्र के हित में इसे कमजोर नहीं करना चाहिए।