रेल बजटः सुविधा देने के साथ पैसेंजरों के जेब पर भी बोझ बढ़ेगा

बजट सत्र के हंगामेदार शुरुआत के बाद भाजपा नीत केंद्र सरकार आज अपना तीसरा रेल बजट 2016-17 पेश करने जा रही है। रेल बजट की कॉपियां संसद पहुंच चुकी है।...

रेल बजटः सुविधा देने के साथ पैसेंजरों के जेब पर भी बोझ बढ़ेगा

suresh prabhuबजट सत्र के हंगामेदार शुरुआत के बाद भाजपा नीत केंद्र सरकार आज अपना तीसरा रेल बजट 2016-17 पेश करने जा रही है। रेल बजट की कॉपियां संसद पहुंच चुकी है। अब कुछ ही समय में रेल मंत्री रेल बजट पेश करेंगे। इस बजट में जनता को ज्यादा सुविधा देने के साथ पैसेंजरों के जेब पर बोझ भी बढ़ेगा। इस वर्ष और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर सरकार लोकलुभावन बजट पेश कर सकती है। सुरेश प्रभु द्वारा अगले पंद्रह साल में रेलवे के विकास का ‘विजन 2030’ डॉक्युमेंट पेश करने की संभावना है। दोपहर करीब बारह बजे वे लोकसभा में बजट पेश करेंगे। इसमें रेलवे के सुधार का पूरा रोडमैप होगा। वहीं कुछ नई ट्रेनों और योजनाओं के साथ रेल मंत्री नई प्रीमियम ट्रेनों का एलान भी कर सकते हैं। किराया और सर्विसेस के बढ़ने पर संदेह बना हुआ है।


बजट 2016-17 को अंतिम रुप देते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि बुधवार को पेश किया जाने वाला यह बजट देश और रेलवे के हित में होगा और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की वजह से 32 हजार करोड़ रुपए का रेलवे को अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इंडियन लाइफ इन्श्योरेंस और जापान इंटरनेशनल एजेंसी (जाइका) से मिले कर्ज के कारण करीब दस हजार करोड़ रुपए की अदायगी की जानी है। इसे बैलेंस किया जाएगा और इसके लिए बजट में रेवेन्यू के नए मॉडल पेश किए जाएंगे। प्रभु ने कहा कि पर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है, साथ ही उन्होंने कहा कि मैं ड्राइविंग सीट पर जरुर हूं लेकिन पूरी जनता मेरे साथ सफर कर रही है। उधर रेल राज्य मंत्री मनोज सिंहा ने कहा कि यह बजट सुधारों वाला होगा इसमें जनता के हितों का ख्याल रखा जाएगा।

सरकार रेल बजट के जरीए पैसेंजरों की जेब से तीन लाख करोड़ रुपए निकालेगा। मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे के रेवेन्यू में 3.77 प्रतिशत यानी करीब 1 लाख 17 हजार करोड़ रुपए की की कमी हुई है। इस वजह से ऑपरेटिंग रेशियो मैक्सिमम लेवल पर है। बजट में किराया न बढ़ाकर सरचार्ज बढ़या जा सकता है।

वहीं पैसेंजरों के सहूलियतों की बात करें तो रेलवे व्यवस्था का सुधार किया जाएगा।खानपान का नया सिस्टम लागू किया जा सकता है। माना जा रहा है कि बिना पैसेंजर किराया बढ़ाए माल ढुलाई, पार्सल और ऐड के जरिए पैसे जुटाए जाएंगे




पैसेंजरों द्वारा पसंदीदा सीटों का चुनाव करने और यात्रा की तिथि के आसपास कन्फर्म सीट लेने पर अतिरिक्त चार्ज लेने का ऑप्शन रेलेव ला सकती है। टिकटों पर मिलने वाली छूटों में कमी करने की संभावना है  कैटरिंग, कुरियर और लगेज सर्विस महंगी हो सकती है। कुछ खास नई ट्रेनों की घोषणा हो सकती है, वहीं रेलवे का ज्यादा ध्यान नई ट्रेनों की जगह बोगियों की संख्या बढ़ाने पर हो सकता है।

वहीं रेल मंत्रालय पर्यावारण को ध्यान में रखते हुए पेपरलेस वर्किंग को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। मंत्रालय अपना रेल बजट पेश करने के लिए 26 लाख पेज कम छापेगी जिससे करीब 165 पेड़ के जिंदगी को बचाया जा सकेगा। रेलवे की इस पहल से करीब पौने दो सौ पेड़ कटने से ही नहीं बचेंगे बल्कि इससे रेलवे चार लाख रुपए की बचत भी करेगा।



रेलवे की संसद की कैंटीन में सब्सिडी खत्म हो जाने के बाद यहां खाने-पीने की चीजों के दाम दो से तीन गुना बढ़गया है। ज्ञात हो कि संसद की कैंटीन का जिम्मा रेलवे के पास है। ये कैंटीन मीडिया और सांसदों के लिए रिजर्व है। वहीं संसद के रिसेप्शन क्षेत्र की कैंटीन में अब खाने के लिए लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।