यूएसः पाकिस्तान को एफ-16 बेचने से रोकने के लिए सीनेट में रिजोल्यूशन पेश

पाकिस्तान को फाइटर जेट एफ-16 बेचने के फैसले से ओबामा सरकार मुश्किलें बढ़ती जा रही है। रिपब्लिक पार्टी के एक सांसद ने सीनेट में ज्वाइंट रिजोल्यूशन पेश...

यूएसः पाकिस्तान को एफ-16 बेचने से रोकने के लिए सीनेट में रिजोल्यूशन पेश

F-16पाकिस्तान को फाइटर जेट एफ-16 बेचने के फैसले से ओबामा सरकार मुश्किलें बढ़ती जा रही है। रिपब्लिक पार्टी के एक सांसद ने सीनेट में ज्वाइंट रिजोल्यूशन पेश किया है। इस रिजोल्यूशन में पाकिस्तान को भरोसेमंद न बताते हुए उसे फाइटर्स बेचने पर रोक लगाने की नए सिरे से मांग की गई है। सांसद ने कहा है कि अमेरिका भले ही पाकिस्तान को करोड़ों डाॅलर मुहैया कराए, लेकिन उसकी इंटेलिजेंस एजेंसी आतंकियों की ही मदद करती है।

सीनेटर रैंड पॉल ने पाकिस्तान को F-16 की बिक्री को रोकने की मांग वाला ज्वाइंट रिजोल्यूशन सीनेट में पेश किया है। पॉल कुछ समय पहले अपनी पार्टी की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति कैंडिडेट की रेस में शामिल थे। बता दें कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की फॉरेन रिलेशन पर बनी कमेटी ने भी ओबामा सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं और अब पॉल का समर्थन भी इस कमेटी को हासिल हो गया है।

सीनेटर पॉल ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते हमेशा से परेशानियों वाले रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ जंग में सहयोगी मानती है। लेकिन पाकिस्तान के बर्ताव से कुछ और ही मतलब निकलता है। पॉल ने कहा कि हम उन्हें करोड़ों डॉलर की मदद दे चुके हैं, लेकिन पाकिस्तानी आर्मी और इंटेलिजेंस हमेशा तालिबान और आतंकियों की मदद करती आई हैं। यह पाकिस्तान का दोहरा रवैया है। दूसरे अमेरिकी सांसद भी पाकिस्तान के इरादों पर सवाल उठाते रहे हैं।

सीनेटर पॉल के इस रिजोल्यूशन से ओबामा सरकार की मुश्किलें बढ़ गई है। पॉल से पहले चैम्बर ऑफ कांग्रेस और फॉरेन अफेयर्स कमेटी भी ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के फैसले पर सवालिया निशान लगा चुकी है। कमेटी ने तो साफ तौर पर इस डील को रोकने के लिए कहा था। इस कमेटी के चेयरमैन बॉब क्रॉकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी को लिखे लेटर में कहा था कि पाकिस्तान का दोहरा रवैया है और उसे एफ-16 फाइटर जेट्स नहीं दिए जाने चाहिए।

ज्ञात हो कि करीब दो हफ्ते पहले अमेरिकी डिफेंस हेडक्वार्टर्स पेंटागन ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 फाइटर जेट बेचने की डील पर मुहर लगाई थी। सत्तर करोड़ डॉलर की इस डील के तहत पाकिस्तान को लॉकहीड मार्टिन ग्रुप के इन प्लेन के अलावा रडार और बाकी इक्विपमेंट्स भी मिलेंगे। इस प्लेन की खासियत यह है कि यह हर तरह के मौसम में हमला कर सकते हैं। ओबामा सरकार के इस फैसले के बाद भारत ने दिल्ली में मौजूद अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था। भारत ने उनसे कहा था कि पाकिस्तान का रिकॉर्ड बताता है कि वह हथियार बेचे जाने लायक देश नहीं है। हम ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के फैसले से निराश हैं। उधर, फेंस सिक्युरिटी को-ऑपरेशन एजेंसी ने कहा था कि हम ये फाइटर जेट इसलिए दे रहे हैं ताकि पाकिस्तान की खुद की हिफाजत करने की ताकत बढ़े। वह काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन्स को भी मजबूती से अंजाम दे सके।