पंपोर हमले के दौरान कंप्लेक्स में फंसा था आतंकी सलाउद्दीन का बेटा, आर्मी ने निकाला

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पंपोर में आतंकी एनकाउंटर के दौरान सुरक्षा बलों ने हिजबुल चीफ सयैद सलाउद्दीन के बेटे मोइन की जान बचाई। मीडिया रिपोर्ट में...

पंपोर हमले के दौरान कंप्लेक्स में फंसा था आतंकी सलाउद्दीन का बेटा, आर्मी ने निकाला

pamporeपिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पंपोर में आतंकी एनकाउंटर के दौरान सुरक्षा बलों ने हिजबुल चीफ सयैद सलाउद्दीन के बेटे मोइन की जान बचाई। मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि अटैक के वक्त मोइन ईडीआई कॉम्पलेक्स में फंसा था।

बताया जा रहा है कि आतंकियों ने जब पंपोर के ईडीआई कॉम्पलेक्स को कब्जे में लिया तो वहां करीब सौ से ज्यादा लोग फंसे हुए थे। जिन्हें सुरक्षा बलों ने बाहर निकाला था। निकाले गए इन लोगों में आतंकी सलाउद्दीन का बेटा सैयद मोइन भी शामिल था। आतंकी सलाउद्दीन को तीन बेटा है जिनमें मोईन भी है। मोईन ईडीआई कॉम्पलेक्स में आईटी मैनेजर है। उसका एक भाई डॉक्टर और दूसरा मेडिकल असिस्टेंट है। बताया जाता है कि तीनों काफी समय से अपने आतंकी पिता सलाउद्दीन के संपर्क में नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक सैयद मोइन का कोई आतंकी कनेक्शन सामने नहीं आया है, लेकिन एनकाउंटर के बाद उससे पूछताछ की गई।बता दें कि पंपोर एनकाउंटर 20 फरवरी को शुरू हुआ, जिसमें आर्मी के 2 कैप्टन समेत कुल 5 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। जबकि लश्कर के 3 आतंकी मारे गए।

सत्तर वर्षीय आतंकी सैयद सलाउद्दीन पीओके में रहकर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में आतंक को बढ़ावा देने की मुहिम चला रहा है। वह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल का भी चीफ बताया जाता है। खुफिया विभाग के पूर्व चीफ ए.एस. दौलत के मुताबिक, सलाउद्दीन भारत लौटना चाहता है, लेकिन सरकार ने इसकी प्लानिंग करने में काफी देर कर दी। दौलत की एक किताब के दावे की मानें तो सलाउद्दीन ने श्रीनगर में तैनात आईबी के एक अफसर को फोन कर बेटे को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का निवदेन किया था।