जेएनयू विवादः पूर्व प्रोफेसर ने पुरस्कार लौटाने की घोषणा की

जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने भारत सरकार से प्राप्त 'हिंदीत्तर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार' को लौटाने का फैसला किया है। प्रोफेसर चमन ने जेएनयू...

जेएनयू विवादः पूर्व प्रोफेसर ने पुरस्कार लौटाने की घोषणा की



prof chamanlalजेएनयू के पूर्व प्रोफेसर चमनलाल ने भारत सरकार से प्राप्त 'हिंदीत्तर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार' को लौटाने का फैसला किया है। प्रोफेसर चमन ने जेएनयू मामले पर सरकार के रवैये के विरोध में यह कदम उठाया है। सेवानिवृत प्रोफेसर चमन लाल को यह पुरस्कार 2000-2001 के दौरान मिला था। उन्होंने जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार को पत्र लिखकर पुरस्कार वापसी के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय और उसके छात्रों को बदनाम करने की एक साजिश चल रही है। उन्होंने आगे कहा कि जेएनयू के छात्रों ने कभी नारे नहीं लगाए।

गौरतलब है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्र उमर ख़ालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने दो दिन पहले पुलिस के सामने सरेंडर किया था। इन दोनों पर नौ फ़रवरी को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप है। इस मामले में दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। उधर जेएनयू छात्र संघ के नेता कन्हैया कुमार भी राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोप में जेल में बंद हैं। जेएनयू विवाद इतना तेज हो गया है कि पूरे देश में छात्र विरोध प्रदर्शन करने लगे थे। वहीं आरोपी छात्रों ने अपनी सफाई में कहा था कि हमने किसी प्रकार के देश विरोधी नारे नहीं लगाए हैं। फिलहाल जेएनयू विवाद की जांच चल रही है।