सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बारह के बजाए दस कर सकती है सरकार

केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बारह के बजाए अब दस कर सकती है। देश में अमीर तबके को मिल रही करीब एक लाख करोड़...

सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बारह के बजाए दस कर सकती है सरकार

arun-jaitleyकेंद्र सरकार उपभोक्ताओं को मिलने वाले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बारह के बजाए अब दस कर सकती है। देश में अमीर तबके को मिल रही करीब एक लाख करोड़ रु. की सब्सिडी आने वाले वक्त में खत्म हो सकती है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे रिपोर्ट 2015-16 पेश करते हुए यह इशारे दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि सब्सिडी अमीरों के लिए नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए है। उन्होंने कहा कि यह वस्तुओं और सेवाओं जैसे रसोई गैस, रेल भाड़ा, केरोसीन, सोना, बिजली, एविएशन और स्माल सेविंग्स प्लान के जरिए अमीर तबके तक पहुंच रही है। इन्हें रीजनेबल बनाने और सही तबके तक पहुंचाने की जरूरत है। जेटली ने सुझाव देते हुए कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए जनधन-आधार-मोबाइल (जैम) के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाया जाएगा। सब्सिडी वाले सिलेंडर सभी परिवार को बारह की जगह दस सिलेंडर मुहैया कराए जाने चाहिए। वहीं फर्टिलाइजर मार्केट को सरकार के नियंत्रण से मुक्त कर तयशुदा सब्सिडी सीधे किसानों को अदा की जानी चाहिए।

सर्वे के अनुसार देश का आर्थिक विकास तेजी से बढ़ रहा है। अगले वित्त वर्ष में सात से साढ़े सात फीसदी विकास दर हासिल किया जा सकता है। साथ ही इस पर संदेह जाहिर करते हुए उन्होंंने कहा कि ग्लोबल इंस्टेबिलिटी के चलते इसमें गिरावट का खतरा भी बना रहेगा। वहीं अगले दो वर्षों में आठ फीसदी या उससे भी ज्यादा की विकास दर संभव है। उन्होंने कहा कि सुधारों की गति बनाए रखने, सब्सिडी में कटौती करने, जीएसटी को लागू करने और वित्तीय लक्ष्यों की मध्यावधि समीक्षा होनी चाहिए ताकि अतिरिक्त खर्चों के लिए गुंजाइश बनाई जा सके। इसके अलावा स्वास्थ, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में निवेश के साथ ध्यान केंद्रीत करने की जरूरत है। इस सर्वे में लेबर मार्केट की चुनौतियों से निपटने के लिए बड़ी संख्या में अच्छी नौकरियां पैदा करने पर जोर दिया गया है। ऐसी नौकरियां जो सुरक्षित भी हों और वेतन भी अच्छा मिले।