स्मृति ईरानी और कठेरिया पर संसद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

बजट पेश होने के ठीक एक दिन बाद यानी मंगलवार को संसद कार्यवाही के पहले दिन कई मुद्दोॆ को लेकर हंगामा शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर...

स्मृति ईरानी और कठेरिया पर संसद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

smriti iraniबजट पेश होने के ठीक एक दिन बाद यानी मंगलवार को संसद कार्यवाही के पहले दिन कई मुद्दोॆ को लेकर हंगामा शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर कांग्रेस हैदराबाद विश्विद्यालय के दलित छात्र के सुसाइड मामले में झूठा बयान देने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार प्रस्ताव ला रही है। वहीं, लोकसभा में रामशंकर कठेरिया के बयान को लेकर कार्यवाही बाधित हुई। मंत्री ने आगरा की एक सभा में एक कार्यकर्ता की मौत के बदले मौत का बयान दिया था। हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही दो बार स्थगित कर दी गई है।

उधर लोकसभा में मल्लिकार्जुन खरगे और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कठेरिया के बयान को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया। कांग्रेस नेता वेणुगोपाल और रणजीत रंजन ने लोकसभा में स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है। बीएसपी ने भी स्मृति ईरानी के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाध‍िकार हनन का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे पार्लियामेंट्री पार्टी मीट हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नरेश गुजराल, हरसिमरत कौर समेत एनडीए के सांसद शामिल हुए।दोनों सदनों में आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।


ज्ञात हो कि केंद्रीय मंत्री कठेरिया ने आगरा में वीएचपी वर्कर अरुण माहौर की शोक सभा में शामिल हुए थे। जहां उन्होंने कहा था कि हमें खुद को ताकतवर बनाना होगा। जंग छेड़नी होगी। ऐसा नहीं किया तो कल दूसरा साथी भी खोना पड़ेगा। साथ ही  कहा था कि मौत के बदले मौत से बदला लिया जाएगा। कठेरिया ने कहा था कि ये मत सोचना कि मैं मंत्री हो गया तो हाथ बंध गए। इसी मामले को लेकर अब विपक्ष मोदी सरकार खिलाफ हमलावर हो गया है। बता दें कि कुछ दिन पहले आगरा में वीएचपी कार्यकर्ता अरुण माहौर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके चलते यहां भारी बवाल मचा था। कठेरिया अपने बयान से बाद में पलट गए और कहा कि मैंने किसी समुदाय का नाम नहीं लिया है। जिसने भी हत्या की उसे फांसी होना चाहिए।



वहीं कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि रोहित वेमुला की खुदकुशी पर संसद में दिए गए स्मृति ईरानी के बयान में कई विरोधाभास थे। जिस तरह उन्होंने देश को गुमराह किया, यह विशेषाधिकार हनन के लिए मामला है। इस विवाद को लेकर बीजेपी प्रवक्ता एमजे अकबर के ने कहा कि स्मृति ईरानी ने जो तथ्य पेश किए वह ऑफिशियल हैं। इस बीच कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी पार्टियां भी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने का मन बना रही हैं। जेडीयू और सीपीएम ने भी ईरानी के विरोध का फैसला किया है। सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा है कि वे स्पीकर सुमित्रा महाजन को स्मृति ईरानी के खिलाफ नोटिस देंगे। जेडीयू नेता केसी त्यागी का कहना है कि स्मृति के बयानों में कई विरोधाभास हैं। यह विशेषाधिकार हनन का मामला है।