सरकार के उत्पाद शुल्क लगाने के ख़िलाफ़ सोना-हीरा व्यापारी हड़ताल पर

इस बार पेश हुए आम बजट में सोने और हीरों के गहनों पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने से रत्न एवं आभूषण कारोबारी नाराज़ हैं.....और सरकार के इस फैसले के...

सरकार के उत्पाद शुल्क लगाने के ख़िलाफ़ सोना-हीरा व्यापारी हड़ताल पर

default.aspxइस बार पेश हुए आम बजट में सोने और हीरों के गहनों पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने से रत्न एवं आभूषण कारोबारी नाराज़ हैं.....और सरकार के इस फैसले के विरोध में ज्वैलर्स ने 2 मार्च से तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.....वहीं ऑल इंडिया जेम्स ऐंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के आह्वान पर पूरे देश में आभूषण कारोबारी 4 मार्च तक हड़ताल पर रहेंगे....हालांकि केरल के आभूषण व्यापारी 1 मार्च से ही हड़ताल पर चले गए हैं।

जेम्स ऐंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष जीवी श्रीधर के मुताबिक सरकार का ये फैसला आभूषण उद्योग को परेशान करने वाला है....क्योंकि उत्पाद शुल्क का बोझ ग्राहकों पर भी पड़ेगा....इससे गहने महंगे होंगे और फिर उनकी बिक्री में कमजोरी आ जाएगी।

मुंबई ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव कुमार जैन ने कहा कि हम पहले ही सरकार के ज्वैलरी सेक्टर की ओर उदासीन रवैये से परेशान हैं....दो लाख रुपये से ज्यादा के आभूषणों की खरीद पर पैन कार्ड जरूरी करने जैसी परेशानियों का हम पहले ही सामना कर रहे हैं...वर्ष 2005 और 2012 में भी सरकार ने ज्वैलरी क्षेत्र पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने की घोषणा की थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया था।

इंडियन बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के केतन श्रॉफ  कहते हैं कि यह उद्योग को परेशान करने वाला कदम है....सरकार इसे तुरंत वापस ले, नहीं तो मामला और गंभीर होगा।

श्रॉफ ने ये भी बताया कि इसी मुद्दे पर वर्ष 2012 में भी देशभर के ज्वैलरों ने दो महीने तक अपने कारोबार को बंद रखा था और आख़िरकार सरकार को झुकना पड़ा था....उस समय बीजेपी ने हमारे आंदोलन का समर्थन किया था और आज वही कदम ये लोग उठा रहे हैं...ज्वैलर्स इसे सहन नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि इस बार के आम बजट को पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोने के आभूषणों पर एक फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने की घोषणा की थी....लेकिन इस फैसले में चांदी के आभूषण शामिल नहीं हैं...लेकिन हीरे और सोने के आभूषणों को शुल्क के दायरे में रखा गया है...जिससे ज्वैलर्स को अपनी बिक्री कम होने और इंस्पेक्टर राज आने का डर सता रहा है।

आभूषण उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सोना और हीरा महंगा कारोबार है....इसमें एक फीसदी शुल्क का अर्थ होता है उद्योग को परेशानी में डालना।