पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, आचार संहिता लागू, 19 मई को आएंगे नतीजे

शुक्रवार को असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने की। इस दौरान...

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, आचार संहिता लागू, 19 मई को आएंगे नतीजे

nasim zaidiशुक्रवार को असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केंद्र शासित राज्य पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की घोषणा मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन राज्यों में मतदान अप्रैल और मई में होंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई।

इस चुनाव में करीब सतरह करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। पश्चिम बंगाल बड़ा राज्य होने के कारण यहां मतदान सात चरणों में होंगे जबकि असम में मतदान दो चरणों में संपन्न होंगे। उधर तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिर्फ एक ही दिन में मतदान संपन्न हो जाएगा।

नसीम जैदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल (294 सीटें) में सात चरणों में 4, 11, 17, 30 अप्रैल और 5 मई और 16 मई को मतदान होगा जबकि 126 विधानसभा सीटों वाले असम में 4 और 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं केरल (140 सीटें), तमिलनाडु (234 सीटें) और पुडुचेरी (30 सीटें) में एक ही चरण में यानी 16 मई को मतदान होगा। इन पांचों राज्यों के नतीजे 19 मई को आएंगे। उधर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने के कुछ घंटे के अंदर ही तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इन पांच राज्यों के महत्वपूर्ण राजनीतिक दल कांग्रेस, भाजपा, वामदल, तृणमूल कांग्रेस, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक), असम गण परिषद और ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ-साथ एनआर कांग्रेस है जो पुडुचेरी में सत्ता में है।

बता दें किअसम में 1.9 करोड़, केरल में 2.56 करोड़, तमिलनाडु में 5.79 करोड़, पश्चिम बंगाल में 6.55 करोड़ और पुडुचेरी में 92 लाख 7 हजार 34 मतदाता हैं। इस विधानसभा चुनावों में पहली बार नोटा यानी इनमें से कोई नहीं का भी विकल्प चिन्ह के रूप में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर होगा। चुनाव आयोग ने पहली बार नोटा के लिए नए चिन्ह की व्यवस्था की है, जिसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) ने खास तौर पर डिजाइन किया है। उल्लेखनीय है कि मतदाता आसानी से उम्मीदवारों को पहचान सकें इसके लिए ईवीएम और पोस्टल मत पत्रों पर उम्मीदवारों की तस्वीरें भी छापी जाएंगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने घोषना के दौरान कहा कि जब एक ही नाम के दो उम्मीदवार एक ही चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़ते थे तो मतदाता उलझन में पड़ जाते जाते थे। इसी उलझन को ध्यान में रख कर आयोह ने यह व्यवस्था की है। इस उद्देश्य के लिए अब आयोग द्वारा निर्देशित स्टाम्प आकार की हाल की तस्वीर उम्मीदवार को निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करनी होगी। इसके अलावा आयोग ने और भी कई कदम उठाए हैं ताकि ऐसे माहौल बनाए जाएं जिसमें प्रत्येक मतदाता निर्भीक होकर मतदान केंद्रों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि वस्तु स्थिति के आकलन के आधार पर इन चुनावों के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस और अन्य राज्यों से मंगाए गए सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।