'कन्हैया की जीभ काटने पर पांच लाख, गोली मारने पर 11 लाख का इनाम'

जेएनयू छात्र संघ के नेता और देशद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार की जीभ काटने वाले पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। इस पोस्ट में लिखा...

kanhaiya kजेएनयू छात्र संघ के नेता और देशद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार की जीभ काटने वाले पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि कन्हैया की जीभ काटने वाले को पांच लाख का इनाम दिया जाएगा। इस पोस्ट को भाजपा युवा मोर्चा के नगर प्रमुख रहे कुलदीप वार्ष्णेय ने अपने फेसबुक अकाउंट और वाट्सएप में शेयर किया है। जिसके बाद पार्टी के बदायूं यूनिट ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप वार्ष्णेय को 6 साल के लिए पार्टी ने निलंबित कर दिया है। पार्टी का कहना है कि कुलदीप को 6 महीने पहले ही जिलाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया था। फिर भी वे खुद को जिलाध्यक्ष बताते रहे। उधर आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने फेसबुक पर ये पोस्ट आने के बाद ट्वीट कर कहा कि एक छात्र नेता की जुबान से डर गए नेताजी। 56 इंच बहादुरी के झंडे का क्या हुआ?

बता दें कि कुलदीप कुमार वार्ष्णेय ने कन्हैया कुमार पर सख्त नाराजगी जताई और कहा कि देशविरोधी और आतंकवादी अफजल गुरु का साथ देने के नारे के बाद वह हर किसी पर निशाना साध रहा है, उसने प्रधानमंत्री और उनके नेता के खिलाफ गलत बयानी की है। उसकी जीभ कटनी ही चाहिए। साथ ही कहा कि जो भी दुष्ट कन्हैया की जीभ काटकर लाएगा। उसे पांच लाख रुपए का इनाम मिलेगा, इससे पहले ही भाजपा के पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था कि पाकिस्तान का नारा लगाने वालों का सिर कलम कर देना चाहिए।

बता दें कि जेएनयू में देश विरोधी नारा लगाने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल से पर गुरुवार रात जेएनयू कैम्पस पहुंचा था।जहां छात्रों को संबोधित किया था और इस दौरान कहा था कि भारत से नहीं बल्कि भारत में आजादी चाहिए। कन्हैया ने इस दौरान कई एेसे नारे लगाए थे जिससे कुछ पार्टियां खासी नाराज है जब्कि कुछ पार्टियां इसका समर्थन कर रहे हैं।



उधर एक अन्य संगठन पूर्वांचल सेना ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार के सिर पर 11 लाख रुपये का इनाम रखा है. पूर्वांचल सेना नाम के संगठन की ओर से लगाए गए पोस्टर में कन्हैया को गोली मारने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम दिए जाने का ऐलान किया गया है। प्रेस क्लब के नजदीक लगाए गए पोस्टर की सूचना पाकर दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और सारे पोस्टर फाड़ दिए। इन फटे हुए पोस्टर के साथ पुलिस अधिकारी पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष का पता लगा रही है। पुलिस ने सेना अध्यक्ष को पूछताछ के लिए संसद मार्ग थाना बुलाया है।

इन सब मामलों के बीच दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन को इस बारे में सूचना देकर कहा है कि कन्हैया की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। 17 फरवरी को कन्हैया पर हुए हमले के बाद कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक डीसीपी ने पत्र लिखकर वसंत कुंज थाने को इस बारे में आगाह किया गया था। पुलिस ने कहा है कि कैंपस से बाहर निकलने पर कन्हैया के साथ पुलिस सुरक्षा लगी रहेगी।