राष्ट्रपति ने महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने का आह्वान किया

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई प्रतिनिधित्व प्रदान करने वाले विधेयक को पारित कराने का आह्वान किया है।...

राष्ट्रपति ने महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने का आह्वान किया

pranab mukhराष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई प्रतिनिधित्व प्रदान करने वाले विधेयक को पारित कराने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक यह विधयेक संसद में पारित नहीं हो सका है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस विधेयक को पारित कराना सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है क्योंकि इस विषय पर उनकी प्रतिबद्धता इसे अमलीजामा पहनाकर ही पूरी की जा सकती है। राष्ट्रपति राज्यों की महिला विधायकों एवं विधान पार्षर्दों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थें। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो तिहाई बहुमत से एक सदन में (लोकसभा) पारित होने के बाद भी महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं एवं परिषदों में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला विधेयक दूसरे सदन (राज्यसभा) में अब तक पारित नहीं हो सका है।

प्रणब मुखर्जी ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण और संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जायेगा, ऐसा नहीं हो सकेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रतिनिधि मनोनीत करने वाले राजनीतिक दल इस दिशा में पहल करनी चाहिए। संसद की स्थायी समितियों में प्रतिनिधि मनोनीत करते समय इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखना महत्वपूर्ण है कि जब अवसर दिया जाता है तब महिलाएं किस प्रकार से समाज को बेहतर बनाने का रास्ता तैयार कर देती हैं। आज पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में 12.70 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं और वे काफी अच्छा काम कर रहीं हैं। कई राज्यों में पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर पचास प्रतिशत कर दिया गया है और कई राज्य इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व देने के संबंध में दुनिया के 190 देशों में भारत का 109वां स्थान है। यह स्थिति बदलनी चाहिए। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान अपने 43 वर्षों के संसदीय जीवन और महिला आरक्षण के बारे में हुए प्रयासों का भी जिक्र किया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संबोधन के समय मंच पर उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा सभागार में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राजनीतिक दलों की महिला सांसद और राज्य विधानसभाओं की विधायक और पार्षद मौजूद थीं।