केजरीवाल का आरोपः सीबीआई ने बिना नोटिस दिए स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सीबीआई ने सीएम स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्होंने इस बात की जानकारी ट्वीट कर की। केजरीवाल...

केजरीवाल का आरोपः सीबीआई ने बिना नोटिस दिए स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया

kejriwalदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सीबीआई ने सीएम स्टाफ को पूछताछ के लिए बुलाया है। उन्होंने इस बात की जानकारी ट्वीट कर की। केजरीवाल के अनुसार सीबीआई ने स्टाफ को बिना किसी नोटिस के फोन कर बुलाया। उनका कहना है कि इससे पहले भी मंत्रियों के स्टाफ को इसी तरह बुलाया गया था।

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार सीबीआई ने मुख्यमंत्री केजरीवाल के स्टाफ को ग्यारह बजे पहुंचने के लिए कहा। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सीबीआई नियम की अंदेखी कर रही है। सूत्रों की मानें तो सरकार को इस बात पर एतराज नहीं है कि सीबीआई सीएम स्टाफ को जांच के लिए बुला रही है। लेकिन इसमें नियमों का पालन जरुरी है। उधर सभी स्टाफ को एक ही दिन बुलाने से भी सरकार नाराज है। इस तरह काम कैसे होगा?

पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने मुख्यंमत्री केजरीवाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार के ऑफिस में छापा मारा था। जिसके बाद टकराव स्थिति उत्पन्न हो गई थी। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि राजेंद्र कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करके पिछले कुछ सालों में दिल्ली सरकार के एक विभाग से टेंडर हासिल करने में एक कंपनी विशेष को सहायता की थी। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कुछ कागजात अपने कब्जे में लिए थे। उस समय केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि सीबीआई डीडीसीए घोटालों से जुड़े दस्तावेज लेकर गई है क्योंकि एजेंसी वित्त मंत्री अरुण जेटली को बचाना चाहती है।
मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्रियों की ओर लगाए गए आरोपों को लेकर जांच एजेंसी सीबीआई ने सफाई दी थी कि छापेमारी में वही कागजात जब्त किए गए जिसकी जरुरत थी। सीबीआई के अनुसार इन कागजात को अदालत में पेश किया जाएगा। बता दें कि सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली सरकार कोर्ट में गई थी। पटियाला हाउस कोर्ट ने सीबीआई से फाइलें लौटाने को कहा था जिसके बाद सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपील की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर रोक लगा दी जिसके बाद दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाइकोर्ट के आदेश को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के खिलाफ आदेश देते हुए जब्त फाइलों को सीबीआई के पास रहने के आदेश दिए। जिसके बाद शीर्ष अदालत ने तीन मार्च को दिल्ली सरकार की अपील पर सीबीआई को नोटिस जारी किया है।