जनधन खातों में जमा हुए 21 हजार करोड़, बंगाल-कर्नाटक सबसे आगे

नोटबंदी के बाद जनधन खातों में 21,000 करोड़ रुपये हुए जमा, पश्चिम बंगाल पहले और कर्नाटक दूसरे नंबर पर ।

जनधन खातों में जमा हुए 21 हजार करोड़, बंगाल-कर्नाटक सबसे आगे

वित्तीय खुफिया इकाई ने नोटबंदी के बाद जनधन बैंक खातों में जमा में अचानक हुई वृद्धि की रिपोर्ट को देखते हुए देश भर में खास तौर से इन खातों में किए गए सभी संदिग्ध लेन-देन का पूरा ब्योरा इकट्ठा करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला एफआईयू ने सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों को इस संदर्भ में पत्र भेजकर इन खातों में राशि और लेन-देन गतिविधियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध करवाने को कहा गया है। पत्र में 9 नवंबर से लेन-देन गतिविधियों के साथ 8 नवंबर तक जमा राशि के बारे में पूरा ब्योरा देने को कहा है। 8 नवंबर की आधी रात से 500 और 1,000 रुपये के नोट पर पाबंदी लगाई गई थी।

सूत्रों के अनुसार 20 नवंबर तक एजेंसी को करीब 6 करोड़ जनधन खातों के संदर्भ में जवाब मिल चुका है और इस ब्योरे को अब आयकर विभाग समेत विभिन्न एजेंसियों को भेजा जा रहा है।

कर विभाग ने हाल ही में लोगों को कालाधन दूसरे के खाते में डालने को लेकर आगाह किया था। उसका कहना था कि इस पर हाल में लागू बेनामी सौदा कानून के तहत आरोप लगेंगे। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, अभियोजन लगाया जा सकता है और अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद जनधन खातों में जमा रकम में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले 13 दिनों में इन खातों में इस दौरान 21,000 करोड़ रुपये जमा किए गए। इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे आगे हैं, जहां सर्वाधिक जमा देखे गए हैं। दूसरे स्थान पर कर्नाटक है।

नोटबंदी के बाद इन खातों में जमा राशि बढ़कर 65,000 करोड़ रुपये से 66,636 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, 9 नवंबर को ऐसे करीब 25.5 करोड़ खातों में 45,636 करोड़ रुपये जमा थे।