बीते ज़माने की ऐक्ट्रेस नंदा के परिजनों ने उनकी वसीयत को बताया फर्जी

बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री नंदा के परिवार वालों ने उनकी वसीयत को फर्जी बताया है। उनका दावा है कि उन्होंने अपनी संपत्ति की देखरेख के लिए कभी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट और बिजनेस पार्टनर अपॉइंन्ट नहीं किया था...

बीते ज़माने की ऐक्ट्रेस नंदा के परिजनों ने उनकी वसीयत को बताया फर्जी

हिंदी सिनेमा की जानी मानी हस्ति और  बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री नंदा के परिवार वालों ने उनकी वसीयत को फर्जी बताया है। नंदा के परिजनों ने दावा किया है, बता दें,  अभिनेत्री ने अपनी संपत्ति की देखरेख के लिए कभी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट और बिजनेस पार्टनर अपॉइंन्ट नहीं किया था। कहा जाता है कि नंदा घर वालों का कहना है कि नंदा अपने भाई-बहनों और उनके बच्चों के काफी करीब थीं।


वहीं  बॉम्बे हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराते हुए परिवार वालों ने यह आरोप लगाया है संपत्ति की देखरेख के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और बिजनेस पार्टनर को नियुक्त करने का दावा सरासर गलत है। क्योंकि नंदा अपने भाई बहनों के बहुत करीब थीं। ऐसी कोई वजह ही नहीं बचती जिसकी वजह से उन्हें ऐसा करना पड़ा हो।

बताया जाता है कि नंदा ने अपनी मौत से तीन साल पहले 2011 में अपनी संपत्ति की देख रेख की जिम्मेदारी चार्टर्ड अकाउंटेंट रजनीकांत और बिजनस पार्टनर नरगिस हिरजी को दी थी। बता दें कि संपत्ति की इस कानूनी लड़ाई में वर्सोवा स्थित एक ट्रीप्लेक्स अपार्टमेंट, चार बंगले, ठाणे जिले में जमीन, जूलरी, चांदी के बर्तन, शेयर, नकद, बैंक में जमा राशि और अन्य चल संपत्ति शामिल है जिसकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है।