नाेटबंदी: कतार में लगे सैनिक काे पुलिस ने बेरहमी से पीटा

एक सैनिक को वहां की स्थानीय पुलिस ने इसलिए बड़ी बेरहमी से पीटा क्योंकि उसने अपने आगे किसी दूसरे व्यक्ति को लगाने से इंकार कर दिया था।

नाेटबंदी: कतार में लगे सैनिक काे पुलिस ने बेरहमी से पीटा

जब सैनिक सरहद पर होता है तब उसके लिए तमाम तरह के मान-सम्मान की बातें की जाती है। यहां तक की नोटबंदी की वजह से बैंकों की कतारों में लगे लोगों को भी राजनेताओं और तमाम संगठनों की तरफ से हिदायत दी गई कि सैनिक सरहद पर कई कई दिन खड़ा रहता है आैर हमलोग एक-दो दिन के लिए नहीं खड़े हो सकते देश के लिए।

मगर आज जब सरहद के सैनिक के साथ देश के अंदर ही अन्याय हो आैर उसे बेरहमी से पीटा जाए, फिर उसे परेशान किया जाए तो इसे क्या कहेंगे। फिर उसकी कोई सुनने वाला न हो तो उन राजनेताओं का क्या जो आम जनता की परेशानियों को सर्जिकल स्ट्राइक से जोड़कर सैनिकों के नाम पर सिर्फ झूठी देशभक्ति दिखाकर अपने उल्लू सीधे करते है।

यह मामला बीजेपी शासित मध्यप्रदेश की है जहां पर पुलिस की इस हरकत काे किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता। क्योंकि एमपी की पुलिस ने अपनी खाकी के दम पर एक सैनिक को बड़ी बेरहमी से पीटा। उसकाे पीटने के बाद उसकी फरियाद भी किसी ने नहीं सुनी।


मुरैना जिले के अंबाह गांव के बैंक में लगी लंबी कतार में खड़े एक सैनिक को वहां की स्थानीय पुलिस ने इसलिए बड़ी बेरहमी से पीटा क्योंकि उसने अपने आगे किसी दूसरे व्यक्ति को लगाने से इंकार कर दिया था।


बता दें कि यह घटना गांव के एसबीआई ब्रांच की है। जहां सैनिक दिनेश अपने भाई की तेहरवीं के लिए सामान खरीदने के लिए बैंक से पैसे निकालने पहुंचा था। कतार में उसका नंबर आने वाला ही था तभी कुछ पुलिस वालों ने आकर वहां सैनिक दिनेश के आगे अपने किसी खास व्यक्ति को लगा दिया। जिसका दिनेश ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी एसडी मिश्रा और थाना प्रभारी ने मिलकर सैनिक को खूब पीटा। इतना ही नहीं उसके बाद फरियादी जवान जब इसकी शिकायत करने आला अफसरों के पास पहुंचा तो उसे वहां से भी भगा दिया गया।


आखिर में सेना का जवान दिनेश अपने जख्मों को लेकर मायूसी के साथ अपने गांव लौट गया।