बांग्लादेश की मंदिरों पर हमला करने वाला गिरफ्तार

साइबर कैफे के 30 वर्षीय मालिक जहांगीर आलम काे हिन्दू मंदिरों और हिन्दुओं के घरों पर हुए हमलों में प्रमुख भूमिका की पुष्टि के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

बांग्लादेश की मंदिरों पर हमला करने वाला गिरफ्तार

बांग्लादेश में एक साइबर कैफे के मालिक को इस महीने की शुरुआत में हिन्दू मंदिरों और हिन्दुओं के घरों पर हुए हमलों की कथित साजिश रचने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया है कि बीते रात गिरफ्तार किये गये आरोपी ने हिंसा भड़काने के लिए एक हिन्दू युवक का फेसबुक अकाउंट हैक किया और मुसलमानों के पूजा स्थलों पर हिन्दू देवताओं की तस्वीर पोस्ट की हो। पुलिस अधिकारी मिजानुर रहमान ने मीडिया काे बताया कि, ‘‘हमने बीते कल रात उस व्यक्ति काे ब्राह्मणबरिया कस्बे से गिरफ्तार किया। वह कई दिनाें से फरार था और हमारा मानना है कि वह मुख्य अपराधियों में से एक है।’

उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों को हमलों के लिए उकसाने को लेकर पुलिस की जांच में एक साइबर कैफे के 30 वर्षीय मालिक जहांगीर आलम की प्रमुख भूमिका की पुष्टि कर बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी के मुताबिक अब वे इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आलम ने खुद से हिन्दू युवक का फेसबुक अकाउंट हैक किया था।

आलम को एक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है, जिसने उसे चार दिन हिरासत में रखकर पूछताछ करने का आदेश दिया है। वहीं पर अधिकारियों ने बताया कि नसीरनगर हमलों के मामले में हिरासत में लिए गये लोगों में आलम आखिरी संदिग्ध है। इससे पहले इन मामलों में कथित संलिप्तता को लेकर पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। इस महीने की शुरच्च्आत में नसीरनगर में इस्लामवादियों ने दर्जन भर मंदिरों और 20 घरों पर हमला किया था।

बतादें कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर ताजा हमले की घटना में अज्ञात शरारती तत्वों ने उनके कुछ मकानों में आग लगा दी थी और दो मंदिरों में तोड़फोड़ भी की थी। बीते दिनों पहले भी अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले की ताजा घटना ब्राह्मणबरिया जिले के नासिरनगर इलाके की है। इस्लाम धर्म के संदर्भ में एक फेसबुक पोस्ट के बाद कम से कम 15 मंदिरों और 20 से अधिक मकानों में तोड़फोड़ की गई है। एक पुलिस अधिकारी मीडिया को बताया, ‘‘मकानों में आग लगने के बाद वे :शरारती तत्व: मौके से फरार हो गए। दो मंदिरों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।’ हमले के बाद कई हिंदू परिवार अपने मकानों को छोड़कर चले गए और दूसरे इलाकों में शरण ले ली है।