15 से ज्यादा पाक रेंजर्स और 10 से ज्यादा आतंकी किए ढेर- बीएसएफ

भारतीय सेना द्वारा एलओसी पारकर पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से 15 से ज्यादा पाकिस्तान रेंजर्स के जवान ढेर कर दिए हैं, इस के साथ ही 10 से ज्यादा आतंकियाें काे मार गिराया गया ।

15 से ज्यादा पाक रेंजर्स और 10 से ज्यादा आतंकी किए ढेर- बीएसएफ

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डीजी केके शर्मा ने आज मीडिया को बताया कि भारत प्रशासित कश्मीर में पाकिस्तान से लगती सीमा पर की गई कार्रवाई में पाकिस्तान के 15 रेंजरों की मौत हुई है। भारतीय सेना द्वारा एलओसी पारकर पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से 15 से ज्यादा पाकिस्तान रेंजर्स के जवान ढेर कर दिए हैं। इसके साथ ही शर्मा ने बताया कि सेना ने 10 से ज्यादा आतंकियों को भी मार गिराया है और इसके साथ ही कई पाकिस्तानी चौकियों को ध्वस्त कर दिया गया है। शर्मा ने साथ ही में  बताया कि हमनें अपनी सीमा की बाड़ के आधुनिकीकरण के लिए एक ठोस कदम उठाए हैं।

शर्मा ने आगे बताया कि नगरोला हमले में शामिल आतंकी बोर्डर पर एक सुरंग के रास्ते से घुसपैठ की थी। अभी हमारे पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है, जिससे सुरंग का पता लगाए जा सके। हम लोग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सीमा पर बाड़ के बीच की जगह को भरने के लिए कदम उठा रहे हैं। साथ ही शर्मा ने बताया कि हम सांबा घुसपैठ और सुरंग का मामला पाकिस्तान समकक्ष के सामने उठाएंगे।

आपकाे बता दें कि, बीते मंगलवार को जम्‍मू कश्‍मीर में दो जगहों पर आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला किया था। पहले नगरोटा में सेना की टुकड़ी पर फिदायीन हमला किया गया। आतंकियों ने ग्रेनेड फेंका और यूनिट के अंदर घुसने का प्रयास किया। इन हमलों में सेना के सात जवान शहीद हो गए। नगरोटा जम्‍मू से 20 किलोमीटर दूर है और हाइवे पर बसा हुआ है। यहां पर 16 कॉर्प्‍स का हैडक्‍वार्टर भी है।

भारतीय खुफिया जांच एजेंसियां पहले ही लश्कर-ए-तयैबा की एक टुकड़ी जो कि घाटी में छिपकर काम कर रही थी उस पर नजर रख रही थी। यह टुकड़ी16 कॉर्प्‍स के हेडक्‍वार्टर पर अटैक करने की प्लानिंग कर रही थी। मीडिया को यह जानकारी एक सूत्र से मिली है। उसने बताया कि लश्कर ए तैयबा की टुकड़ी मंगलवार (29 नवंबर) को हुए हमले जिसमें 7 जवान शहीद हो गए उससे लगभग 2 हफ्ते पहले हमला करने की सोच रही थी। लगभग दस दिन पहले खुफिया एजेंसियों ने आगाह कर दिया था कि ऐसा कोई हमला हो सकता है।

बरहाल, हमला घाटी से ऑपरेट होने वाले उस आतंकी सेल ने नहीं किया लेकिन फिर भी मंगलवार को हुए हमले ने कई सवाल पैदा कर दिए हैं। वे सवाल ये हैं कि पहले से जानकारी मिलने के बावजूद आतंकियों को रोकने के लिए क्या अतरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए और अगर किए गए तो वे लोग नगरोटा कैंप में हमला करने में कामयाब कैसे हो गए।