7 राज्यों की 12 सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी

पीएम की नोटबंदी की घोषणा के बाद देश में पहला चुनाव, 7 राज्यों की 12 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए शाम 5 बजे तक होंगे मतदान।

7 राज्यों की 12 सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी

शनिवार को 7 राज्यों की 12 लोकसभा-विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। नोटबंदी के 11वें दिन भी देश में हालात जस के तस हैं। लोग कैश के लिए बैंकों में घंटों लाइन लगाए खड़े हैं या तो एक एटीएम से दूसरे एटीएम भटक रहे हैं। ऐसे में ये उपचुनाव केंद्र में सत्तारूढ़ी बीजेपी के नोटबंदी के अहम फैसले के बाद आम जनता के बीच पहली कड़ी चुनावी परीक्षा भी साबित होगी। मतदान सुबह 7 बजे से ही जारी है और 5 बजे तक चलेगी ।


  • मध्य प्रदेश- शहडोल लोकसभा सीट और नेपानगर विधानसभा सीट।

  • असम- लखीमपुर लोकसभा सीट और बैठलांगसो विधानसभा सीट।

  • पुड्डुचेरी- नल्लीथोप्पे विधानसभा सीट।

  • बंगाल- कूच बिहार और तमलुक लोकसभा सीट और मोंटेश्वर विधानसभा सीट।

  • तमिलनाडु- तंजावुर, अरावक्कूरिची और तिरुपर्रानकुंदरम विधानसभा सीट।

  • अरुणाचल प्रदेश, दूरस्थ अंजा जिले की हायुलियांग विधानसभा सीट।

  • त्रिपुरा, बरजाला और खोवाई विधानसभा सीट


भोपाल के शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा के लिए उपचुनाव 19 नवंबर को हो रहे हैं। शहडोल में 17 और नेपानगर में 4 उम्मीदवार मैदान में हैं। नतीजे 22 नवंबर को आएंगे।

कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि दोनों सुरक्षित सीटों पर काबिज रही बीजेपी के लिए यह उपचुनाव अहम हैं। यदि इनमें से किसी एक सीट पर भी बीजेपी हारती है तो यह समझा जाएगा कि नोटबंदी का ये फैसला आम लोगों को नहीं भाया है।

असम में लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र और बैठालांसो विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में आठ उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। दोनों सीटों पर 8,21, 199 महिलाओं समेत 16,91,313 मतदाता हैं। पहले लखीमपुर का प्रतिनिधित्व असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल करते थे। वह माजूली से मई में विधायक बने।

पश्चिम बंगाल में दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हो रहे हैं। उपचुनाव कूच बिहार और तमलुक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और मोंटेश्वर विधानसभा क्षेत्र में हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने इन तीनों सीटों पर अपने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। हालांकि, इससे पहले इस साल की शुरुआत में कांग्रेस और वाम मोर्चा ने एक साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों ने इस उपचुनाव में अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है।