जल्द ही लागू होगी कैशलेस पेमेंट

आधार नंबर और फिंगर प्रिंट से जल्द ही हर तरह की पेमेंट हो सकेगी।

जल्द ही लागू होगी कैशलेस पेमेंट

कैशलेस सोसायटी का लक्ष्य बनाकर चल रही केंद्र सरकार बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान बढ़ाने के लिए काफी प्रयास कर रही है। इसके लिए कई स्तरों पर व्यापारियों को जागरूक करने की योजना बनाई गई है। शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, दुकानों पर डिजिटल पेमेंट के लिए तरह-तरह के डिवाइसेज के दिन भी जल्द लद जाएंगे और सिर्फ आधार नंबर और फिंगर प्रिंट की मदद से हर तरह के पेमेंट हो सकेंगे।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से को आयोजित एक कार्यक्रम में वित्तीय मामलों से जुड़े केंद्र सरकार के कई विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी।

यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा कि बहुत जल्द अब आपको किसी भी तरह का भुगतान लेने या देने के लिए सिर्फ आधार नंबर और फिंगर प्रिंट की जरूरत होगी। क्रेडिट और डेबिट कार्ड तो छोड़िए भारी-भरकम और खर्चीले डिवाइसेज की जरूरत भी नहीं होगी। इस पर तेजी से काम चल रहा है।' भूषण ने बताया कि फिलहाल ई-वॉलिट, यूनिफाइड पेमेंट इंटरेफस, मोबाइल आधारित पॉइंट ऑफ सेल्स का चलन बढ़ रहा है।

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि वित्त मंत्रालय की पहल पर संगठन ने बीते चार महीनों में देशभर में करीब 20 लाख व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट की सहूलियतों से अवगत कराया है। संगठन इस बारे में 2 दिसंबर को देशभर के व्यापारियों का एक बड़ा सम्मेलन कर रहा है, जिसमें इन योजनाओं को अमली जामा पहनाने की दिशा में कई घोषणाएं हो सकती हैं।

दिल्ली के रिहाइशी खुदरा बाजारों, रिटेल चेन स्टोर्स, मॉल और डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी 12-15 पर्सेंट भुगतान ही इलेक्ट्रॉनिक मोड में होते हैं, जबकि थोक बाजारों और स्ट्रीट शॉप में तो 1 पर्सेंट ट्रेडर भी कैशलेस मोड में नहीं आ पाए हैं।

कैट महासचिव ने कहा कि जिस तरह सरकार ने कार्ड पेमेंट से ट्रांजैक्शन चार्ज हटाने की पहल की है, संभव है अगले महीने तक ट्रेडर्स को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ बड़े ऐलान भी हो जाएं।