हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट में बढ़ी तकरार

केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रही हाईकोर्ट जजों की भर्ती को लेकर खींचतान बढ़ी।

हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति को लेकर केंद्र और सुप्रीम कोर्ट में बढ़ी तकरार

केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच चल रही हाईकोर्ट जजों की भर्ती को लेकर खींचतान के अभी रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं। केंद्र ने कोलेजियम के लिए भेजे 77 में से 43 जजों के नाम पर अपनी असहमति जताई है। इस असहमति को भी सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है।

वहीं हाईकोर्ट में जजों की भर्ती के लिए चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली कोलेजियम ने जजों के नाम वाली जो फाइल केंद्र को भेजी थी, उनमें से 34 पर ही सरकार ने मंजूरी दी है बाकी 43 नाम वापस लौटा दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि 77 सिफारिशों में से 34 जजों की नियुक्तियां कर दी गई हैं जबकि 43 सिफारिशों को दोबारा देखने के लिए कोलेजियम को भेजा गया है। बता दें कि कोलेजियम ने फरवरी में हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 77 नामों की लिस्ट भेजी थी, लेकिन केंद्र ने इस पर ध्यान नहीं दिया था।

जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब जज ही नहीं हैं तो क्यों ना पूरे संस्थान को ताला लगा दें और लोगों को न्याय देना बंद कर दें।

चीफ जस्टिस ने कहा था कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को अपने अहम से ना जोड़े। उन्होंने कहा था कि हम नहीं चाहते कि दो संस्थान एक-दूसरे के आमने-सामने हों। सुप्रीम कोर्ट ने 9 महीनें तक जजों के नामों की सिफारिश वाली फाइल को दबाए रखने के लिए केंद्र की आलोचना की थी।