चीन ने भारतीय बैडमिंटन टीम के मैनेजर को वीजा देने से किया इनकार

चीन ने भारतीय बैडमिंटन टीम के मैनेजर को वीजा नहीं दिया, टीम चैंपियनशिप के लिए मैनेजर के बिना पहुंची ।

चीन ने भारतीय बैडमिंटन टीम के मैनेजर को वीजा देने से किया इनकार

चीन ने भारतीय बैडमिंटन टीम के मैनेजर बमांग तागो को थाइहोट चीन ओपेन बैडमेंटिन चैंपियनशिप 2016 में जाने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है। चीनी दूतावास ने बमांग को वीजा न देने का कारण उनका अरुणाचल प्रदेश का होना बताया है।

चीन अरुणाचल प्रदेश पर दावा करता रहा है। भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन के एक अधिकारी ने कहा 'जब बीएआई के अधिकारी आनंद कारे ने 14 नवंबर को चीनी दूतावास से जानकारी मांगी तो उनसे कहा गया कि 14 सदस्यीय भारतीय टीम के बाकी सदस्यों को वीजा मिल गया है लेकिन तागो का वीजा उनके अरुणाचल प्रदेश का मूल निवासी होने के कारण रोक दिया गया है।' बैडमिंटन की सुपर सीरीज प्रीमियर मुकाबलोें में शामिल ये सीरीज चीन के फुझाओ में होने वाली है। चीन ओपेन 20 नवंबर से शुरू हो रहा है।

बीएआई के अधिकारियों के अनुसार भारतीय टीम के सभी सदस्यों के दस्तावेज कई हफ्ते पहले ही नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में जमा कर दिए गए थे फिर भी तागो का वीजा रोक दिया गया। बीएआई के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय बैडमिंटन टीम अपने मैनेजर के बिना ही फुझाओ पहुंच चुकी है। वीजा न मिलने के बाद तागो ने बुधवार को मीडिया से कहा, ‘मैंने आज किरण रिजिजू से मुलाकात की और उनके दखल की मांग की। उन्होंने कहा कि वह मामले पर गौर करेंगे। उम्मीद है कि कुछ सकारात्मक होगा।’

ये पहली बार नहीं है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों का वीजा रोका है। साल 2011 में भारतीय कराटे टीम के पांच सदस्यों को चीन में होने वाली एशियाई कराटे-डू प्रतियोगिता में भाग लेने जाते समय नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर रोक दिया गया था क्योंकि चीनी दूतावास ने उन्हें स्टेपल वीजा दिया था। चीनी दूतावास अरुणाचल प्रदेश के निवासियों को नियमित वीजा नहीं देता।

जनवरी 2012 में अरुणाचल प्रदेश की वेटलिफ्टरों को स्टेपल वीजा पर चीन जाने से रोक दिया गया था। अक्टूबर 2013 में ही अरुणाचल प्रदेश के दो युवा तीरंदाजों को चीन में होने वाली युवा विश्व तीरंदाजी प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया गया था। इन युवा तीरंदाजों को भी चीनी दूतावास ने स्टेपल वीजा दिया गया था।