कोयला घोटाला: रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई को मिला एक और महीना

एक विशेष अदालत ने सीबीआई को कोयला घोटाला मामले में जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक और महीने का वक्त दे दिया है...

कोयला घोटाला: रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई को मिला एक और महीना

एक विशेष अदालत ने सीबीआई को कोयला घोटाला मामले में जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक और महीने का वक्त दे दिया है। इस मामले में कांग्रेस नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल, पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव और अन्य शामिल हैं। विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने इस मामले में अब 16 दिसंबर को विचार करने का फैसला किया है। इससे पहले जांच अधिकारी ने कहा कि इस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलनी बाकी है। उन्होंने इससे पहले जांच रिपोर्ट दाखिल करने में विलंब के लिए सीबीआई के जांच अधिकारी की खिंचाई की थी। अधिकारी ने अदालत से कहा कि जांच एजेंसी को इस महीने के आखिर में रिपोर्ट मिलने की संभावना है।

आपको बता दें कि अदालत ने इससे पहले रिपोर्ट दाखिल करने में विलंब करने पर सीबीआई की खिंचाई की थी। अदालत ने कहा था कि यह मामले में मुकदमे की प्रगति को नुकसान पहुंचा रहा है। अदालत ने इससे पहले सीबीआई की अर्जी को मंजूर कर लिया था कि उसे एक चार्टर्ड एकाउन्टेंट सुरेश सिंघल द्वारा किए गए कुछ खुलासों के आलोक मामले में आगे जांच करने की जरूरत है। सिंघल ने इकबालिया गवाह बनने के लिए अदालत की मंजूरी मांगी थी। अदालत ने माफी के लिए सिंघल की अर्जी मंजूर की थी और आरोपी की सूची से उनका नाम हटाने का आदेश दिया था।

गौरतलब है कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने झारखंड में अमरकोंडा मुर्र्गादंगल कोयला ब्लॉक के आवंटन में जिंदल समूह के फर्मों–जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) और गगन स्पंज आइरन प्राइवेट लिमिटेड (जीएसआईपीएल)–का समर्थन किया था। सीबीआई की दलीलों का विरोध करते हुए सभी आरोपियों ने कहा था कि इस बात को दर्शाने के कोई सबूत नहीं हैं कि कोयला ब्लॉक के आवंटन की प्रक्रिया के दौरान कोई साजिश थी।