नाेटबंदी पर संग्राम, विपक्ष करेगी 28 काे आक्राेश दिवस का एेलान

सरकार के नोटबंदी के फैसले के विरोध में करीब-करीब पूरा विपक्ष एकजुट है, विपक्ष ने 28 नवंबर को आक्रोश दिवस मनाने का एलान किया है...

नाेटबंदी पर संग्राम, विपक्ष करेगी 28 काे आक्राेश दिवस का एेलान

 नोटबंदी काे लेकर संसद के भीतर और बाहर संग्राम जारी है। सरकार के इस नोटबंदी के फैसले के विरोध में करीब-करीब पूरा विपक्ष एकजुट है। इस नाेटबंदी के खिलाफ 14 पार्टियां शामिल हैं, जिसमें कांग्रेस, टीएमसी, जदयू, माकपा, भाकपा, एनसीपी, बसपा और राजद जैसे दल हैं। करीब 200 सांसदों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना किया गया। अब विपक्ष ने 28 नवंबर को आक्रोश दिवस मनाने का एलान किया है। इसके तहत 28 नवंबर को सभी राज्यों में धरने प्रदर्शन होंगे। वाम दल पूरे 24 से 30 नवंबर तक प्रदर्शन करेंगी।

इस नोटबंदी को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई।आराेप लगाते हुए  राहुल ने नाेटबंदी काे एक घोटाला करार दिया  साथ ही मोदी को संसद में विपक्ष को सुनने की चुनौती दी।

दूसरी तरफ इस नाेटबंदी के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी मोर्चा खोल रखा है। ममता नोटबंदी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंची हैं।

वहीं पर नाेटबंदी के मुद्दे काे लेकर उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह का कहना है कि पीएम घमंड में हैं, लेकिन घमंड नहीं चलता और उनकी मनमानी नहीं चलेगी। बीएसपी सुप्रीमो मायावती नोटबंदी को लेकर बुधवार को सदन के बाहर से हमला किया। उनका कहना था कि जब पीएम ने इतना अच्छा काम किया है तो वह संसद आने से क्यों डर रहे हैं।

राज्यसभा में भी नाेटबंदी का विराेध काे लेकर विपक्षी दल ने सदन में आज की कार्यवाई काे हाेने नहीं दिया। हंगामे के कारण बैठक दो बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब ढाई बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

नोटबंदी के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के कारण आज भी प्रश्नकाल बाधित रहा और एक बार के स्थगन के बाद करीब साढ़े 12 बजे सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। सदन में कार्य स्थगित करके मतविभाजन वाले नियम 56 के तहत तत्काल चर्चा कराने की विपक्ष की मांग को लेकर शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सरकार का कहना है कि यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ उठाया गया है और वह नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है हालांकि विपक्षी दल कार्य स्थगित करके चर्चा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।