बेहिसाब रकम जमा करने पर 50 प्रतिशत कर लगेगा

संसद के मौजूदा सत्र में केंद्र सरकार कर कानून में संशोधन लाने की योजना बना रही है। इसके तहत नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक घोषित बेहिसाब जमा बैंक रकम पर न्यूनतम 50 प्रतिशत कर लग सकता है।

बेहिसाब रकम जमा करने पर 50 प्रतिशत कर लगेगा

संसद के मौजूदा सत्र में केंद्र सरकार कर कानून में संशोधन लाने की योजना बना रही है। इसके तहत नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक घोषित बेहिसाब जमा बैंक रकम पर न्यूनतम 50 प्रतिशत कर लग सकता है। इसके अलावा बाकी रकम के आधे हिस्से के निकासी पर चार साल की पाबंदी होगी। हालांकि अगर करदाता स्वेच्छा से बेहिसाब राशि के बारे में घोषणा नहीं करता है तो 90 प्रतिशत के हिसाब से कर लगेगा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रिमंडल ने शुक्रवार रात आयकर कानून में संशोधन की जो मंजूरी दी है, उसके तहत 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट निर्धारित सीमा से अधिक जमा करने के बारे में अगर आयकर अधिकारियों के समक्ष घोषणा की जाती है तो उस पर 50 प्रतिशत कर लग सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक शेष राशि का आधा हिस्सा यानि मूल जमा का 25 प्रतिशत को चार साल तक निकालने की अनुमति नहीं होगी। अगर इस प्रकार के जमा के बारे में घोषणा नहीं की जाती है और उसका पता कर अधिकारियों को चलता है तो कुल 90 प्रतिशत कर और जुर्माना लगाया जाएगा। ज्ञात हो कि सरकार ने नोटबंदी के फैसले के बाद 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक पुराने नोट जमा करने या उसे नई करेंसी में बदलने की अनुमति दी है। जहां तक रुपये बदलने की बात है, इसे पहले पहले 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति सीमित किया गया और अब इसे वापस ले लिया गया है। वहीं पुराने नोट में कितनी भी राशि बैंक खातों में जमा की जा सकती है।

उच्च अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे केवल दो सप्ताह में खासकर शून्य खाते वाले जनधन खातों में 21,000 करोड़ रुपए से अधिक जमा हुए हैं। इससे इन खातों को काले धन के सफेद करने में उपयोग को लेकर आशंका बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि कर अधिकारियों ने 10 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 2.5 लाख रुपए से अधिक बेहिसाब जमा पर कर और उस पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगाने की बात कही थी। बाद में यह महसूस किया गया कि इस प्रकार की बातों के पीछे कोई कानूनी आधार नहीं है।

इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए ऐसा समझा जाता है कि मंत्रिमंडल ने आयकर कानून में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत एक उपबंध जोड़ा जाएगा जो मोहलत अवधि के दौरान बेहिसाब आय पर कर लगाने का प्रस्ताव करता है। सरकार की संसद के मौजूदा सत्र में मंजूरी के लिए संशोधन लाने की योजना है। सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी कालाधन और भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम है लेकिन अगर बेहिसाब आय बेनामी जमा के जरिए व्यवस्था में आती है तो मकसद पूरा नहीं होगा। ऐसे में इस पर कर चोरों को दंडित करने का तरीका है।