भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हैं तो कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा- अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत को एक हिंदू राष्ट्र बताते हैं तो कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा।

भारत को हिंदू राष्ट्र बताते हैं तो कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा- अब्दुल्ला

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बताए जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने निशाना साधाते हुए कहा कि अगर वह भारत को एक हिंदू राष्ट्र बताते हैं तो कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा। ‘संविधान के खिलाफ बोलने’ पर भागवत के खिलाफ एक्शन लेने की मांग करते हुए उब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर उस भारत का हिस्सा है, जिसमें सभी धर्मों को इसके संविधान में बराबर का दर्जा दिया गया है।

अब्दुल्ला ने श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘संविधान में हर धर्म को बराबर अधिकार दिया गया हैं। अगर ये छीना गया तो क्रांति के लिए तैयार रहें, जिसे भारत नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। समय आ गया है, जब राष्ट्रीय नेताओं को एक ही आवाज में बोलना होगा। आरएसएस प्रोपेगेंडा किसी भी पार्टी को स्वीकार नहीं है।’

अब्दुल्ला ने आगे कहा कि घाटी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं बनेगी, लेकिन भागवत जैसे लागों के बयान से लोगों के दिमाग में भ्रम पैदा हो रहा है कि मोहम्मद अली जिन्ना का दो राष्ट्रों का सिद्धांत सही था और जो उसके खिलाफ बोलते हैं वो गलत हैं। यहां पाकिस्तान नहीं बनेगा। हम उनके गुलाम बनकर निरंकुशता के नीचे नहीं दबेंगे। आज भी वहां पर जमींदार राजा हैं और गरीब कुछ भी नहीं हैं।

अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में युवा पूरी आजादी चाहते हैं और वे भारत और पाक नहीं मांग रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को बच्चों को जवाब देना होगा कि क्या उन्होंने या पिछली सरकारों ने उनके साथ न्याय किया है या उन्हें धोखा दिया है। हमें हमारे अधिकार चाहिए, आप कितनों को जेल में डालेंगे, और कितनों को अंधा करोगे और कितने ज्यादा घरों को लूटोगे। अगर आप ज्यादा दबाओगे, तो यह ज्यादा फूटेगा और तब आपकी ताकत इसे नहीं दबा पाएगी। मैंने बार-बार कहा है कि अगर वे पूरे देश की सेना यहां ले आएंगे, तब भी वे कश्मीर की आकांक्षाओं को नहीं दबा पाएंगे।’