कश्मीर की हालत पहले एेसी नही था- राॅ के पूर्व चीफ

पूर्व रॉ प्रमुख ए एस दुलत का कहना है कि घाटी में स्थिति इतनी खराब पहले कभी नहीं हुई थी,

कश्मीर की हालत पहले एेसी नही था- राॅ के पूर्व चीफ

कश्मीर का अलगाववादी नेता आैर हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से कश्मीर घाटी में लगातार हिंसा जारी है आैर रुकने का नाम नहीं ले रहा है, इसी पर पूर्व रॉ प्रमुख ए एस दुलत का कहना है कि घाटी में स्थिति इतनी खराब पहले कभी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोग मोदी से आशा रखते हैं कि वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलेंगे।

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में ‘कश्मीर: अशांति के कारण, शांति का रास्ता’ विषय पर व्याख्यान देते हुए दुलत ने कहा, कश्मीर की स्थिति इतनी खराब कभी नहीं हुई थी।’ दुलत ने कहा कि, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर समस्या का हल खोजने के अवसर को गंवा रहे हैं।'

दुलत ने आगे कहा, ‘कश्मीरियों को भारत-पाकिस्तान के सौहार्दपूर्ण रिश्ते से ज्यादा किसी अन्य चीज से आशा नहीं मिलती है। पाकिस्तान ने अलगाववादियाें को साथ लाने की काेशिश नाकाम रही है। अब अलगाववादी एक हाे कर साथ आ रहे हैं  ऐसा हो गया, क्योंकि दिल्ली के पास इसके लिए समय नहीं है।’

दुलत ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नोटबंदी के कारण घाटी में पथराव की घटना बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘पथराव की घटना नोटबंदी से पहले ही बंद हो चुकी है। आतंकवाद आैर नकली मुद्रा के बीच संबंध हैं, लेकिन इसे कुछ बढ़ाया-चढ़ाया गया है।’

दुलत ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘हमने पाकिस्तान को कई अवसरों पर कश्मीर समस्या में भूमिका निभाने के आमंत्रित किया है, भले ही पड़ोसी देश राज्य में अपनी भूमिका खो चुका है।’ उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के 2013 चुनाव में कश्मीर मुद्दा नहीं था।