पिछले 20 दिनाें से आख़िर नजीब है कहां ?

जेएनयू के माही मांडवी हॉस्टल से ग़ायब हुए नजीब अहमद का 20 दिनों से ना तो पुलिस पता लगा पाई है, और नहीं जेएनयू प्रशासन।

पिछले 20 दिनाें से आख़िर नजीब है कहां ?

13 अक्टूबर से जेएनयू के माही मांडवी हॉस्टल से ग़ायब हुए नजीब अहमद का 20 दिनों से ना तो पुलिस कोई सुराग हासिल कर पाई है, और ना ही जेएनयू प्रशासन।

कहां है नजीब, उसकी मां की आंखों में अभी भी एक उम्मीद है कि उसका नजीब उसके पास लौट आएगा लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ क्योंकि पुलिस और जेएनयू प्रशासन के ढुलमुल और लापरवाह रवैये के कारण ही नजीब की अभी तक वापसी नहीं हो पाई है।

[caption id="attachment_80808" align="aligncenter" width="500"]20161103_151848 नजीब की मां[/caption]

नजीब की मां कुछ भी बोले बग़ैर रोते जा रही थी और बस एक ही बात बोल रहीं थी कि मेरा बेटा वापस कर दो.... मैं चली जाऊंगी।

नारदा न्यूज़ ने नजीब के भाई से भी मुलाकात की, नजीब के भाई का नाम मुजीब अहमद है उन्होंने हमें बताया कि जेएनयू प्रशासन से हमें केवल आश्वासन मिल रहा है कि नजीब आ जाएगा, पुलिस भी कुछ ज्यादा नहीं बता रही है।

आपको बता दे कि नजीब, जो जेएनयू के स्कूल आॅफ बायोटेक का छात्र है, वह पिछले महीने अक्टूबर से अपने कमरा नंबर 106 माही मांडवी हॉस्टल से ग़ायब है।

क्या हुआ था घटना वाले दिन नजीब के साथ

कहा जा रहा है कि नजीब के साथ 13 अक्टूबर की रात एबीवीपी के छात्र विक्रांत कुमार से माही मांडवी के मेस में झडप हो गई। विक्रांत भी माही मांडवी के कमरा नबंर 213 में रहता है। उसके बाद एबीवीपी के 9 छात्रों ने नजीब के साथ मारपीट की। एक चश्मदीद मो.शाहिद रज्जा खान जो अरेबिक स्टडीज़ का शोधा छात्र है, उन्होंने नारदा न्यूज़ को बताया कि 13 अक्टूबर की रात को नजीब के साथ 9 लोग मारपीट कर रहे थे, उन्होंने नजीब को बचाने की कोशिश भी की लेकिन अकेला कुछ भी नहीं कर पाया। उसके बाद उन्होने जेएनयूएसयू के अध्यक्ष मोहित पांडे को फोन कर सारा मामला बताया।

शाहिद रज्जा ख़ान के मुताबिक़ उसके बाद वहां पर बहुत सारे लोग जमा हो गए। उस वक्त माही मांडवी के वॉर्डन सुशील कुमार भी मौजूद थे। लेकिन सबके सामने एबीवीपी के छात्रों ने नजीब अहमद पर हमला करना जारी रखा। जबकि अन्य छात्र इस बीच नजीब को बचाने की भरपूर कोशिश करते रहे। इस घटना से नजीब काफी डर गया था, उसके बाद नजीब को उसके कमरें ले जाया गया। लेकिन एबीवीपी के छात्रों ने उसके बाद भी नजीब से मारपीट की।

लेकिन अगले दिन सुबह यानि 14 अक्टूबर को नजीब अपने कमरे से लापता पाया गया। यहां पर एक अहम सवाल खड़ा होता है कि आख़िर नजीब गया कहां ?

जेएनयू जैसे शैक्षणिक संस्थान, जहां पर जानवर भी अपने को महफूज़ समझते हैं, वहां पर नजीब को ऐसा क्या लगा कि वह भाग गया, गायब हो गया या फिर एक साज़िश के तहत गायब करवा दिया गया ?

अभी तक कितनी हुई है नजीब को ढूंढने की कार्रवाई

बहरहाल 18 अक्टूबर को जेएनयूएसयू छात्र संघ और नजीब के परिवार ने मिल कर वसंत कुंज पुलिस थाने में एफआईआर की रिपोर्ट दर्ज करवा दी । साथ में जेएनयू के प्रशासन को भी नजीब के गायब होने की बात बताई गई और प्रशासन से भी मामले की जांच की मांग की। लेकिन अब तक प्रशासन और पुलिस दोनो के दोनो लापरवाही भरा रवैया दिखा रहे हैं।

आपको बता दें कि जिन एबीवीपी छात्रों के साथ नजीब की मारपीट हुई थी, उन 9 लोगों का पुलिस में नाम भी दर्ज करवा दिया गया है । ये छात्र है....विकरांत, अंकित, सुनील, आशुतोष, ऐश्वर्या सिंह, अर्नब चक्रवर्ती, अभिजीत और पुष्पेश ।

लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी पुलिस और जेएनयू प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया और ना ही एबीवीपी के छात्रों से कोई पूछताछ की।