पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस के सिन्हा का निधन

जम्मू-कश्मीर और असम के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस के सिन्हा का निधन...

पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस के सिन्हा का निधन

जम्मू-कश्मीर और असम के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल एस के सिन्हा का गुरुवार दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह  90 साल के थे। उनका जन्म बिहार के गया जिले में हुआ है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिन्हा के निधान पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की है। अपने शोक संवेदना में सीएम ने कहा कि  वे भारतीय सेना के बहादूर योद्धा पीएम मोदी ने भी उनके मृत्यू पर शोक प्रकट की।

आपके बता दें, कि जनरल सिंहा ने  अपने सैन्य सेवाओं से कई बार देश और राज्य को गौरवान्वित कर किया  हैं।

जनरलसिन्हा का विवादों से भी नाता रहा

चर्चित विवादों में स्वर्ण मंदिर को आतंकियों से खाली कराने का मसला प्रमुख रहा। जनरल सिन्हा तब पश्चिमी कमान के प्रमुख थे। तत्कालीन सरकार संत भिण्डरावाले के खिलाफ आर्मी ऑपरेशन चाहती थी और जनरल इस समस्या को अपनी समझ के अनुसार सुलझाना चाहते थे। ऑपरेशन शुरू करने के पूर्व वह रक्षा मंत्री के जरिए अपनी बात प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक पहुंचाना चाहते थे, जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। उनकी आशंका थी कि स्वर्ण मंदिर पर आर्मी ऑपरेशन से सेना की अटूट एकता प्रभावित हो सकती है। इसका असर हुआ कि उनकी वरीयता को दरकिनार कर जनरल एएस वैद्य को सेना प्रमुख बनाया गया। यह वही जनरल थे जिन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार की कमान संभाली थी। वरीयता दरकिनार किये जाने से जनरल सिन्हा ने 1983 पद से त्यागपत्र दे दिया, लेकिन सरकार के फैसले पर सवाल नहीं उठाया।

पूर्व राज्यपाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली में किया जाएगा। गौरतलब है, वे 1943 में सेना में शामिल हुए थे। उनका जन्म गया में हुआ था। उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध में वर्मा इंडोनेशिया में तत्कालीन ब्रिटिश भारतीय सेना का नेतृत्व भी किया था।