मैं रेप पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह समझता हूं- आजम ख़ान

बुलंदशहर में मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप मामले में मंत्री आज़म ख़ान ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाखिल कर कहा- 'मैं रेप पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह समझता हूं'

मैं रेप पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह समझता हूं- आजम ख़ान

यूपी के बुलंदशहर में मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में मंत्री आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा कि रेप पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह समझता हूं।

हलफनामे में आजम खान ने कहा कि मैं मंत्री के तौर पर और निजी तौर पर उनकी मदद करने के लिए तत्पर हूं। मैंने कभी भी रेप पीड़ितों पर सवाल नहीं उठाए न ही उनके खिलाफ कुछ बोला। मैं कभी ऐसे घृणित अपराध की शिकार महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने की सोच भी नहीं सकता। मैं सालों से समाजसेवा में हूं और एक यूनिवर्सिटी भी बनाई है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करती है।

मैंने कभी नहीं कहा कि यह राजनितिक साजिश है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। इसके लिए आजम ने सुप्रीम कोर्ट में सीडी भी दी है। मेरा कभी उद्देश्य नहीं रहा कि मैं किसी पीड़ित महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाऊं। मैं रेप पीड़ितों का दर्द समझता हूं। दाखिल अर्जी में सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अर्जी को खारिज की जाए।

सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 7 दिसंबर तक आजम खान बिना शर्त के माफी मांगने का हलफनामा दाखिल करेंगे। पीड़िता को केंद्र सरकार केंद्रीय विद्यालय में दाखिला दिलाएगी और उसकी पढ़ाई का खर्चा यूपी सरकार उठाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने AG मुकुल रोहतगी को कहा कि संवैधानिक सवालों पर कोर्ट की मदद करेंगे।

गौरतलब है कि बुलंदशहर में मां-बेटी से गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में यूपी के मंत्री आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उन्होंने यह बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप के पीछे राजनीतिक साजिश है।

आजम खान की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा था कि आजम ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गैंगरेप राजनीतिक साजिश है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया वह इसका रिकॉर्ड भी दिखाने को तैयार हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान से कहा कि आप इस आरोप का जवाब दीजिए। कोर्ट ने कहा कि इतने सारे अख़बार कैसे गलत ख़बर छाप सकते हैं। प्रेस की भी देश के प्रति जवाबदेही होती है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।