बैंकों में नकदी का प्रवाह बढ़ा, जल्द ही हालात सामान्य होंगे - उर्जित पटेल

नोटबंदी को लेकर RBI गवर्नर का बयान, 'ईमानदारों की मुश्किल कम करने की कोशिश, जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।'

बैंकों में नकदी का प्रवाह बढ़ा, जल्द ही हालात सामान्य होंगे - उर्जित पटेल

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने नोटबंदी पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि दैनिक आधार पर निगरानी की जा रही है। इस मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं करने को लेकर कांग्रेस पार्टी के निशाने पर आए उर्जित ने कहा, 'हालात पर नजर बनी हुई है। सुविधा के लिए हर कदम उठाए जा रहे हैं। परेशानी दूर करने की कोशिश की जा रही है। कैश की कोई कमी नहीं है।'

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बैंकों में नकदी का प्रवाह बढ़ा है, प्रयास है कि स्थिति यथाशीघ्र सामान्य हो। नोट की मांग को पूरा करने के लिए नोट मुद्रण कारखानों को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। आरबीआई उन नागरिकों की वास्तविक परेशानी को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है, जो ईमानदार हैं और जिन्हें तकलीफ हुई है।

उर्जित पटेल ने कहा कि पर्याप्त कैश उपलब्ध हैं। बैंक उन्हें अपनी शाखाओं और एटीएम तक पहुंचाने के लिए मिशन के तौर पर काम कर रहे हैं। नोटों की डिजाइन पर उर्जित ने कहा, 'नए 500 और 2,000 रुपये के नोटों के डिजाइन ऐसे हैं कि उनकी नकल करना मुश्किल होगा।' आरबीआई गवर्नर ने जनता से नकद की जगह डेबिट कार्ड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करने की अपील की और कहा कि इससे लेन-देन सस्ता और आसान होगा।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 500 और 1000 रुपये के नोट को लीगल टेंडर से बाहर किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद से लोगों को रुपयों की किल्लत का सामना करना पड़ा रहा है। नोटबंदी की घोषणा के 19 दिन बाद भी देशभर में बैंक और एटीएम के बाहर लंबी कतारें लगी हैं। आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर विपक्ष भी सरकार पर निशाना साध रही है तो अव्यवस्था को लेकर आरबीआई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने हालिया नोटबंदी के मुद्दे को लेकर RBI गवर्नर पर निशाना साधा। नेशनल हेराल्ड में एक लेख में कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि सरकार ने रिजर्व बैंक को अंधेरे में रखा। रमेश ने लिखा है, ‘या तो उर्जित पटेल देश को नोटबंदी पर रिजर्व बैंक की तैयारियों को लेकर गुमराह करने के दोषी हैं या फिर उन्होंने रिजर्व बैंक की स्वायत्तता से समझौता किया है। दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’