रुपए निकालने नहीं बल्कि एक्सचेंज करने पर लगेगी इंकः आरबीआई

कैश के लिए लंबी लाइनों को कम करने की खातिर सरकार ने लोगों को उंगलियों पर इंक लगाने का फैसला किया था। इस बीच आरबीआई ने साफ किया कि रूपए निकालने नहीं बल्कि एक्सचेंज करने पर इंक लगेगी।

रुपए निकालने नहीं बल्कि एक्सचेंज करने पर लगेगी इंकः आरबीआई

पुराने बड़े नोटों पर पाबंदी के फैसले के एक हफ्ता गुजरने के बाद भी लोगों को कैश की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी लाइनें देखी जा सकती हैं। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि एक ही व्यक्ति नोट बदलने के लिए कई कई बार लाइन में लगे होते हैं जिससे भीड़ कम नहीं हो रही है। इसको देखते हुए सरकार ने चुनाव की तरह उंगलियों में इंक लगाने का फैसला किया था। ताकि एक व्यक्ति दो बार लाइन में लग कर भीड़ न करे। इस बीच आरबीआई ने साफ किया है कि बैंकों की लाइनों में लगे केवल उन लोगों की उंगली में स्याही लगाई जाएगी जो पुराने नोट को बदलने के लिए आएंगे। आरबीआई ने साफ किया है कि पैसा निकालने वाले लोगों की उंगलियों पर स्याही लगाने की जरूरत नहीं है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आगे कहा कि लोगों के लिए हफ्ते में निकासी की लिमिट 24000 रुपए है जो कि खाते से ही निकल सकते हैं इसलिए उसमें जांच की जरूरत नहीं है लेकिन नोट बदलने आ रहे लोगों की पहचान की जरूरत है इसलिए उनके उंगलियों पर स्याही लगाना आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को केंद्रीय वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने घोषणा की थी बैंकों में नोट बदलने के लिए लाइनें लंबी हैं इसलिए कई जरूरतमंद लोगों को कैश नहीं मिल पा रहे हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने फैसला किया है कि बार-बार नोट बदलने आ रहे लोगों की पहचान की जाए। इसके लिए उंगली में इंक लगाने का फैसला किया गया है ताकि जरूरतमंद लोगों को भी पैसे मिल सकें।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से पूछा है कि 'लोगों को हो रही असुविधा के मद्देनजर आप और कौन से नए कदम उठाने के बारे में सोच रहे हैं?' अदालत ने इस मुद्दे की अगली सुनवाई 25 नवंबर तक के लिए टाल दी है।