नोटबंदी में ना करें अमिट स्याही का इस्तेमाल - वित्त मंत्रालय

चुनाव आयोग ने नोटबंदी को लेकर बैंकों में लगाई जा रही स्याही पर जताई चिंता, वित्त मंत्रालय से कहा- 'नोटबंदी में ना करें स्याही का इस्तेमाल'

नोटबंदी में ना करें अमिट स्याही का इस्तेमाल - वित्त मंत्रालय

चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को एक पत्र लिखकर बैंकों में नोट बदलने जा रहे लोगों की उंगुली पर अमिट स्याही नहीं लगाने के लिए कहा है। जिस पर चुनाव आयोग ने चिंता जाहिर की है क्योंकि कुछ राज्यों में मतदान होने हैं।

यह अमिट स्याही उन नागरिकों की अंगुली पर लगाई जाती है, जिन्होंने एक बार वोट डाल दिया हो। ऐसे में यह एक बड़ी समस्या बन सकती है। वित्तमंत्रालय ने फैसला किया था, जो लोग बैंकों में पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने जाएंगे, उनकी उंगुली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।

यह फैसला इसलिए लिया गया था, क्योंकि पुराने नोट केवल एक बार ही बदलने की सीमा लगाई गई थी। बाकी के पुराने नोट खाते में जमा कराने थे। कई लोग बार-बार अपने पुराने नोट नए नोटों के साथ बदलवा रहे थे। ऐसे में कई लोगों के तो नोट एक बार भी नहीं बदल पाए। पहले पुराने नोट बदलने की सीमा 4000 रुपए थी, जिसे बढ़ाकर 4500 रुपए कर दी गई थी। इसके बाद गुरुवार को घोषणा की गई कि शुक्रवार से केवल 2000 रुपए के पुराने नोट ही बदल जाएंगे।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा था कि बैंक में काउंटर पर पुराने नोट बदलने वालों की उंगुली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी, ताकि लोग दोबारा से आकर भीड़ ना बढ़ाएं।

पीएम मोदी ने 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। इसके बाद लोगों को 31 दिसंबर तक पुराने नोट बदलने या अपने अकाउंट में जमा कराने का समय दिया गया था। फैसले के बाद से ही बैंकों के बाहर काफी बड़ी-बड़ी लाइनें देखने को मिल रही हैं।

बैंकों के बाहर लगी लंबी लाइनों को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार के इस फैसले पर निशाना भी साधा है। विरोध करने वालों में कांग्रेस पार्टी, मायावती, ममता बनर्जी, उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी दल शामिल हैं।