कानपुर रेल हादसा: जांच के लिए ड्राइवर के खून के नमुने भेजे, पांच अधिकारी निलंबित, डीआरएम का तबादला

कानपुर रेल हादसे की वजह से झांसी के डीआरएम का रांची तबादला कर दिया गया और पांच अधिकारी जांच जारी रहने तक के लिए निलंबित कर दिए गए हैं...

कानपुर रेल हादसा: जांच के लिए ड्राइवर के खून के नमुने भेजे, पांच अधिकारी निलंबित, डीआरएम का तबादला

कानपुर में हुए रेल हादसे की जांच तेज होते ही पांच वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही झांसी के संभागीय प्रबंधक का भी तबादला कर दिया गया। हादसे की जांच में दोनों ड्राइवरों के खून के नमूने भी शराब की जांच के लिए भेजे गए है जिससे ये पता लग सके कि कहीं यो हादसा ड्राइवर के नशे में होने के कारण तो नहीं हुआ है।

बता दें कि हादसे में मरने वालों की संख्या एक 12 साल के एक बच्चे समेत चार और घायलों के दम तोड़ने के बाद 150 हो गई। यह हादसा पिछले 17 सालों में सबसे भीषण रेल हादसा है। जिसमें इतने लोगों की जान ली है।

रेल हादसे की वजह से सभी वरिष्ठ संभागीय मेकेनिकल इंजीनियर (कैरेज एवं वैगन) नवेद तालिब, संभागीय इंजीनियर एमके मिश्रा, वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर अंबिका ओझा, सेक्शन इंजीनियर ईश्वर दास और वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर सुशील कुमार गुप्ता कर्तव्य के प्रति लापरवाही को लेकर निलंबित कर दिए गए, जबकि झांसी संभाग के डीआरएम एसके अग्रवाल का तबादला कर दिया गया है।

वहीं झांसी के डीआरएम का रांची तबादला कर दिया गया और पांच अधिकारी जांच जारी रहने तक के लिए निलंबित कर दिए गए हैं। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिम्मेदारी तय करने के लिए कार्रवाई करना बहुत जरूरी था। निलंबन और स्थानांतरण आदेश रेल सुरक्षा आयुक्त की जांच चलने तक के लिए जारी किया गया।

आचार्य ने दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि जांच पूरी होने में दो-तीन दिन लग सकते हैं और वह एक महीने के अंदर सरकार को रिपोर्ट सौंप देंगे। जिससे हादसे की असली वजह का ज्लद ही पता चल पाएगा। आचार्य ने ये भी बताया कि रेल की जो पटरियां टूट गई हैं उनके नमुने भी कानपुर लाए गए हैं। ताकि उनको भी रिसर्च डिजायन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन में भेजे जा सके। सरकारी रेल पुलिस की 12-सदस्यीय टीम ट्रेन के पटरी से उतर जाने की जांच के लिए बनाई गई है.