नीतीश कुमार ने किया समर्थन, क्या बीजेपी और नीतीश करीब आ रहे है ?

नोटबंदी पर लालू को एतराज है , शरद यादव विरोध कर रहे है लेकिन सीएम नीतीश कुमार पीएम मोदी के फैसले का समर्थन कर रहे है। राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे है। सवाल उठ रहा है कि क्या सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी की नजदीकियां बढ़ रही है ? क्या बिहार में फिर से कोई नया राजनीतिक समीकरण बनने वाला है।

नीतीश कुमार ने किया समर्थन, क्या बीजेपी और नीतीश करीब आ रहे है ?

नोटबंदी पर लालू को एतराज है , शरद यादव विरोध कर रहे है लेकिन सीएम नीतीश कुमार पीएम मोदी के फैसले का समर्थन कर रहे है। राजनीतिक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे है। सवाल उठ रहा है कि क्या सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी की नजदीकियां बढ़ रही है ? क्या बिहार में फिर से कोई नया राजनीतिक समीकरण बनने वाला है। एक ओर जहां तमाम विपक्षीय दल सरकार द्वारा लिए गए नोटबंदी के फैसले का विरोध कर रहे है तो वही मोदी के कट्टर विरोधक समझे जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस फैसले का समर्थन किया है। बिहार के मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए 500 और 1000 रूपये के नोट पर प्रतिबंध लगाए के बारे में कहा कि वे तो इसका समर्थन करते है। नीतीश ने यह बात मधुबनी में एक कार्यक्रम के दौरान कही। नीतीश ने आगे कहा, ‘कुछ लोगों के पास बेनाम संपत्ति है, इस पर भी नजर रखी जाए और केंद्र सरकार को उस पर भी जल्द से जल्द हमला करना चाहिए।’  आपको बता दें की लालू यादव ने इस फैसले का विरोध किया है। लालू ने ट्वीट कर कहा था कि नोट बैन करने के बाद भी अगर लोगों को 15 लाख रुपये नहीं मिलते हैं तो इसका मतलब होगा कि यह फर्जिकल स्ट्राइक है। केवल लालू प्रसाद यादव ही नहीं बल्कि पूरा विपक्ष सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार का लालू यादव की राय से अलग पीएम मोदी के फैसले का समर्थन करना बिहार में एक नए राजनीतिक समीकरण की तरफ इशारा कर रहा है।