क्या नाेटबंदी को लेकर PM माेदी सुखबीर पर चिल्ला रहे है?

पीएम माेदी पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल काे किसी वजह से जाेर से फटकार लगा रहे है...

क्या नाेटबंदी को लेकर PM माेदी सुखबीर पर चिल्ला रहे है?

एक वीडियाे तेजी से साेशल मीडिया पर वायरल हाे रही है, इस वीडियाे में आप देख सकते हैं कि पीएम माेदी पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल काे किसी वजह से जाेर से फटकार लगा रहे है। यह घटना बीते शुक्रवार की है जब पीएम माेदी ने पंजाब  के भटींड़ा  में  एक रेली के दाैरान कहा कि पाकिस्तान जा रही पानी काे पंजाब में बेहतर उपयाेग के लिए जाेड़ा जा सकता है। इसी पर सुप्रीम काेर्ट ने अादेश दिया था कि सतलुज यमुना लिंक नहर का निर्माण किया जाए और हरियाणा काे  सतलुज का पानी दिया जाए।

वहीं पर पीएम मोदी 926 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले अखिल भारतीय चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान(एम्‍स) के शिलान्‍यास के बाद बोल रहे थे। जब मोदी कैशलैस व्‍यवस्‍था से गरीबों को होने वाले फायदे के बारे में बता रहे थे तभी गुरजिंदर कौर नाम की एक महिला चिल्‍ला पड़ी। उन्‍होंने कहा, ”यह सब झूठ है।” गुरजिंदर ने एक चिट फंड कंपनी में डेढ़ लाख रुपये लगाए थे और इसमें घोटाले से वह नाराज थीं।

लेकिन इस वायरल हुए वीडियाे में माेदी पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से सवाल नहीं पुछ रहे है। बल्कि वह पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात कर के दूसरी तरफ मुड़ते है। हर काेई देख सकता है  पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मुखाकृति में एक पिता की चिंता काे मोदी सुखबीर से दूर चलते जा रहे है। प्रधानमंत्री को कुछ समझाने की कोशिश कर रहा है।

शायद सुखबीर ने अपनी  नजर हालिया स्थिति  पर रखी हुई थी। साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी दी थी कि नाेचबंदी का फैसला  शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन पर बुरा प्रभाव दालेगा और यह एक दर्दनाक हैंगओवर नहीं होना चाहिए ।

सुखबीर ने अपने भाषण में कहा कि अकाली दल ने पंजाब में बहुत कुछ किया जनता काे कांग्रेस से पुछना चाहिए की उन्हाेने कांग्रेस शासित राज्य में क्या किया है?

मालूम हो, अकाली दल एेसी दुसरी पार्टी है जो शिव सेना के बाद भाजपा कि गठबंधन सरकार में ताे है लेकिन केंद्र सरकार की नाेटबंदी के फैसले का विरोध कर रही है। इसी काे लेकर सुखबीर सिंह बादल ने कहा था कि इस नाेटबंदी से हाे रही परेशानी 50 दिनाें में खतम नहीं हाेगी। आैर इस नाेटबंदी काे काेई 50 दिनाें में भी लागू नहीं कर सकता।  नाेटबंदी के फैसले से सबसे ज्यादा ग्रामीण महिलाआें काे परेशानी उठानी पड़ रही है।