देश का किसान मोदी को कभी माफ़ नहीं करेगा : लालू प्रसाद

नोटबंदी को लेकर RJD प्रमुख लालू प्रसाद ने पीएम मोदी से पूछा सवाल, कहा- 'देश की जनता को और कितने दिन तड़पाएंगे'

देश का किसान मोदी को कभी माफ़ नहीं करेगा : लालू प्रसाद

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने नोटबंदी से जनता की परेशानियों का जिक्र करते पीएम मोदी से कई प्रश्नों के जवाब मांगे हैं। लालू ने मोदी से पूछा कि क्या 35 दिनों में जनता की समस्याओं का निदान कर देंगे? नहीं तो बताएं कि कितने दिन और जनता को तड़पाएंगे ? लालू ने कहा कि आप विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधान सेवक हैं (जैसा कि आप हर जगह ढिंढोरा पीटते हैं)। आपने एक प्रधान सेवक होते हुए जनता के बारे में बिना सोचे इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया और कैसे ये तुगलकी फरमान जनता पर थोप दिया ?

लालू ने आगे कहा, 'हमलोग भी काले धन के सख्त विरोधी हैं, परंतु इसके नाम पर आप पूंजीपतियों की गोद में बैठकर आम लोगों को परेशान नहीं कर सकते। जिनके पास सचमुच काला धन है, उनको दबोचने में प्रधानमंत्री क्यों हिचकिचा, सकुचा रहे हैं?'

लालू ने कहा कि एक पखवारे पूर्व अचानक देशवासियों को यह फरमान सुनाया गया कि चार घंटे बाद देश की 86 प्रतिशत मुद्रा सिर्फ कागज का टुकड़ा रह जाएगी। यह तुगलकी फरमान था, कहावत के रूप में भी, भावात्मक रूप में भी और वास्तविक रूप में भी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के एक निर्णय पर करोड़ों लोगों का जीवन टिका हो, क्या उसे बिना कुछ देखे, आवेश में आकर, मुख्यपृष्ठों पर छाने के लिए अनाप-शनाप निर्णय लेने का अधिकार है?

आरजेडी प्रमुख ने प्रधानमंत्री से पूछा, 'आज देश का किसान त्राहिमाम कर रहा है। उसकी दोनों फसलें बर्बाद होने के कगार पर है। किसानों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था? किसानों से किस बात का बदला लिया जा रहा है?' देश का किसान निर्धन सही, किन्तु निर्बल नहीं है। देश का किसान मोदी को माफ नहीं करेगा। देश के भूखे, निर्धन, वंचित को सताने में मोदी को कौन-सा नैसर्गिक सुख प्राप्त हो रहा है? नोटबंदी से जो हंगामा खड़ा किया गया है, उसके शोर शराबे में करोड़ों लोगों के भूख और पीड़ा से कराहने की आवाज दब रही है।

लालू ने कहा, 'मोदी बताएं कि नोटबंदी के बाद एफडीआई का कितना बिलियन डॉलर देश के बाहर जा चुका है? इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था में अव्यवस्था की छवि वाला जो नकारात्मक संदेश पूरे विश्व में गया है, उससे उबर पाने में कितने प्रगतिशील सालों की बलि चढ़ेगी?, प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि रुपये की कमजोरी और बदतर हालात का जिम्मेवार कौन है?'

नोटबंदी से देश भर में लोगों की मौतों को लेकर लालू ने मोदी से पूछा कि इनकी हत्या का जिम्मेदार कौन है। प्रधानमंत्री बताएं कि पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा कि नहीं? प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि छोटे व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा? असंगठित क्षेत्र के लोगों को हुई असुविधा और नुकसान का हर्जाना कौन भरेगा?

लालू ने पीएम मोदी से प्रश्न किया, 'प्रधानमंत्री के नोटबंदी के निर्णय में क्या मंत्रिपरिषद की सहमति थी? अगर सचमुच थी, तो इस निर्णय में कौन कौन लोग भागीदार थे। जनता जानना चाहती है कि उसकी इस दुर्दशा के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं?'

लालू ने आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया कि कहीं ऐसा तो नहीं, संघ के आदेश पर ही  नोटबन्दी का स्वांग रचा गया? मोहन भागवत चुप क्यों हैं? मोदी सीमा निर्धारित करके बताएं कि उनके वादानुसार लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये कब जमा होंगे?