बैंक की कतार की तुलना शराब दुकान के लाइन से की माेहनलाल ने

मलयालम सिनेमा के मसहूर एक्टर मोहनलाल ने एटीएम और बैंकों के बाहर लगी कताराें की तुलना शराब के लिए लगने वाली लाइन से की

बैंक की कतार की तुलना शराब दुकान के लाइन से की माेहनलाल ने

मलयालम सिनेमा के मसहूर एक्टर मोहनलाल को उस वक्त लोगों की भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने एटीएम और बैंकों के बाहर लगी कताराें की तुलना शराब के लिए लगने वाली लाइन से की। मोहनलाल ने सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन करते हुए आैर उसे सही ठहराते हुए एक ब्लॉग लिखा था। उन्होंने लिखा है कि, “हम बिना किसी शिकायत के शराब, थिएटर और धार्मिक स्थलों के बाहर लाइन में लगते हैं। मेरा मानना है कि बैंक और एटीएम के बाहर लाइन में लगने में कोई बुराई नहीं है।” एक्टर ने यह बातें अपने ब्लॉग ‘The Complete Actor’ में लिखी, जिसके बाद लाेगाें ने माेहनलाल की इस बयान से सोशल मीडिया पर जमकर विरोध किया है।

वहीं पर राजस्थान में एक फिल्म की शूटिंग के दाैरान मोहनलाल ने कहा कि नोटबंदी से फिल्म प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने लिखा, “मुझे खुद भी परेशानियां हो रही हैं। एक जिम्मेदार नागरिक और समझदारी व्यक्ति होने के नाते मुझे भी इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।” उनके इस ब्लॉग के विरोध में लोगों ने सोशल मीडिया पर The Complete Disaster हैशटैग ट्रेंड चलाया जा रहा है। इस पर एक शख्स ने लिखा, “मेहनत की कमाई को एक्सचेंज कराने के लिए लाइन में लगे लोगों की तुलना नशे के लिए लाइन में लगने वालों से करने के लिए हम तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।” केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वाइस प्रेसिडेंट वी. डी. साथीसेन ने भी एक्टर की इसी तर्क के आधार पर आलोचना की।

साथीसेन ने लिखा, “उन्हें समझना चाहिए कि बैंक और एटीएम के बाहर लोग शराब के लिए नहीं बल्कि पैसों के लिए लाइन में लगे हैं। मोहनलाल ने उन गरीब लोगों का अपमान किया है जिनकी लाइन में लगे-लगे मौत तक हो गई। इनमें से कुछ लोग इलाज के लिए पैसा निकालने आए थे, तो कुछ शादी के लिए।” कांग्रेस विधायक के सबरीनाथ ने मोहनलाल के इस विचार को एक फिल्म की तरह बताया, जो रियल लाइफ से बिलकुल मेल नहीं खाती। वहीं, फिल्म डायरेक्टर एमएम निशाद और डबिंग आर्टिस्ट भाग्यलक्ष्मी ने भी एक्टर की आलोचना की।