मुंबई की लड़की ने कैब ड्राइवर का साथ दिया,साेशल मीडिया पर वायरल हुआ FB पोस्‍ट

पोस्ट को पांच दिन के अंदर 6770 बार शेयर किया जा चुका है और उस पर 41 हजार से ज्‍यादा रिएक्‍शन आए हैं।

मुंबई की लड़की ने कैब ड्राइवर का साथ दिया,साेशल मीडिया पर वायरल हुआ FB पोस्‍ट

मुंबई की रहने वाली हिमानी जैन की इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है। उनकी पोस्ट को पांच दिन के अंदर 6770 बार शेयर किया जा चुका है और उस पर 41 हजार से ज्‍यादा रिएक्‍शन आए हैं। 24 नवंबर को शेयर की गई पोस्‍ट में हिमानी ने कैब ड्राइवर को उनकी सहयात्री के चलते हुई परेशानी को लेकर जानकारी दी है। उन्‍होंने बताया कि इसके चलते उन्‍हें भी पुलिस थाने जाना पड़ा। हिमानी के अनुसार उन्‍होंने 23 नवंबर को अपने दफ्तर से घर जाने के लिए शेयरिंग कैब ली थी। उनकी पोस्‍ट के अनुसार, ”ड्राइवर काफी विनम्र और अच्‍छे व्‍यवहार वाला था। मैं अपनी कैब एक अन्‍य महिला के साथ शेयर कर रही थी। उसकी उम्र शायद 30 के लगभग होगी। वह गाड़ी में आकर बैठी और एक मिनट के अंदर ही ड्राइवर से उतारने की जगह को लेकर बहस करने लगी। ड्राइवर ने बताने का प्रयास किया कि उसे ऐप पर बताए गए पते और रूट का पालन करना होगा। लेकिन महिला ने इस पर ध्‍यान ही नहीं दिया।”

हिमानी ने आगे लिखा, ”महिला काफी नाराज हो गई और ड्राइवर पर चिल्‍लाने लगी। उसने उसे निर्देश ना मानने पर थप्‍पड़ मारने की धमकी भी दी। ड्राइवर और मैंने महिला को शांत करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। अब उस महिला ने ड्राइवर को थाने चलने और मुझे शिकायत में शामिल होने को कहा। जब मैंने मना कर दिया तो वह मुझे भी गालियां देने लगी। ड्राइवर ने यात्रा खत्‍म कर दी और माफी मांगते हुए मुझे किसी और गाड़ी से घर जाने को कहा। तब तक महिला और ड्राइवर दोनों ने पुलिस को बुला लिया। झगड़े को देखने के लिए वहां पर 20 लोग और दो महिला सिक्‍योरिटी गार्ड खड़े हो गए। मैं वहां से जाने ही वाली थी कि एक महिला सिक्‍योरिटी गार्ड ने कहा कि मैं थाने जाऊं। उसने कहा मैडम प्‍लीज जाओ ना पुलिस स्‍टेशन वो मार डालेंगे इसको। लेडिज का केस है तो इसको कोई नहीं सुनेगा।”

पोस्‍ट में आगे लिखा है, ”मैं पहले ही लेट हो चुकी थी और थाने जाने को लेकर थोड़ी असहज थी। लेकिन मुझे लगा कि ऐसी स्थिति में वहां से जाना ठीक नहीं है इसलिए मैंने साथ थाने जाने का फैसला किया। मजेदार बात तो यह है कि जब वह महिला कांस्‍टेबल को जानकारियां दे रही थी तो उससे पूछा गया कि समस्‍या कहां है। उसे लगा कि कुछ हो नहीं रहा तो उसने ड्राइवर पर गालियां देने, कार से बाहर जाने जैसे झूठे आरोप लगा दिए। मैंने अपना बयान दिया और बताया कि ड्राइवर पूरी तरह से बेकसूर है। गायत्री ने कहा कि ड्राइवर माफी मांगते हुए उसके पैर छुए। मैंने पुलिस से बात की और पूरा मामला समझाया। इसी दौरान पुलिसवाले ड्राइवर को एक कमरे में ले गए और मुझे किसी को पीटे जाने की आवाज आई। मैं कांस्‍टेबल के पास दौड़ी। वहां जो मुझे दिखा उसने सरप्राइज कर दिया। पुलिसवाले बेल्‍ट से फर्श को पीट रहे थे और ड्राइवर आवाजें निकाल रहा था। पुलिसकर्मी मेरे पास आया और ड्राइवर का साथ देने के लिए शुक्रिया कहा। उसने बताया कि अगर वह नहीं होती तो ड्राइवर फंस सकता था।”