नौसेना के बेड़े में आईएनएस चेन्‍नई शामिल

आईएनएस चेन्‍नई को रक्षा मंत्री ने राष्‍ट्र को किया समर्पित, चुपके से दुश्‍मन की मिसाइलें बर्बाद करने में माहिर ।

नौसेना के बेड़े में आईएनएस चेन्‍नई शामिल

भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और खतरनाक युद्धपोत शामिल किया गया है। आईएनएस चेन्‍नई (डी65) को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने राष्‍ट्र को समर्पित किया। यह क्‍लास पी15-एक खुफिया मिसाइल विंध्‍वंसक का तीसरा और आखिरी युद्धपोत है। यह भारत में बनाए गए सबसे बड़े विंध्‍वंसकों में से एक है। इसकी लंबाई 164 मीटर और विस्‍थापन 7,500 टन से भी ज्‍यादा है।

इस मौके पर बोलते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा, ‘यह भारतीय नौसेना के लिए ऐतिहासिक दिन है।’ रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर पाकिस्‍तान को लेकर भी बात की। उन्‍होंने कहा, '0जब तक फायर न किया जाए, हम फायर नहीं करते, मैं सीमा पार की बात कर रहा हूं। तापमान गिर गया है, उम्‍मीद है यह और गिरेगा।'

पाकिस्‍तान के कब्‍जे में मौजूद जवान चंदू चौहान के बारे में पर्रिकर ने कहा कि मानक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मुझे भरोसा दिलाया गया है व‍ह जीवित और सुरक्षित हैं।

पर्रिकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अालोचना करने वालों पर भी निशाना साधा। पर्रिकर ने कहा, 'पीएम ने कोशिश की, लोगों ने इसके लिए भी उनकी आलोचना की, मगर उन्‍होंने पहल की। हमें किसी भी पड़ोसी के साथ अच्‍छे रिश्‍तों का स्‍वागत करना चाहिए। दोस्‍ताना पड़ाेसी हमेशा काम आता है, लेकिन राष्‍ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर नहीं।'

आईएनएस चेन्‍नई जमीन से जमीन में मार करने वाली ‘ब्रह्मोस’ और लंबी दूरी की जमीन से हवा में मार करने वाली ‘बराक-8’ से लैस है। मिसाइल तकनीक की खूबियां इसमें भरी गई हैं। इसमें भारत में निर्मित एंटी-सबमरीन हथियार और सेंसर लगे हैं। इसमें हेवीवेट टॉरपीडो ट्यूब लॉन्‍चर्स, रॉकेट लॉन्‍चर्स और सोनार क्षमता भी है।

दुश्‍मन की मिसाइल से बचाव के लिए, आईएनएस चेन्‍नई में ‘कवच’ सिस्‍टम लगा है। इसमें टारपीडो को चकमा देने वालो ‘मारीच’ सिस्‍टम भी लगा है, जिन्‍हें भारत में ही विकसित किया गया है।