पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ को मिला सबसे भ्रष्ट नेता का तमगा

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पीएम नवाज़ शरीफ के ख़िलाफ जांच आयोग बनाने का आदेश सुनाया है। इस आदेश के साथ ही नवाज़ पाकिस्तान में भ्रष्ट नेताओं की लिस्ट में नंबर वन पर शुमार हो गए हैं।

पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ को मिला सबसे भ्रष्ट नेता का तमगा

वैसे पाक प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगते रहे हैं। आए दिन पाक प्रधानमंत्री नवाज़ किसी ना किसी मुसीबत में घिरे ही रहते हैं। जितने ‘शरीफ नवाज़’ दिखते हैं उतने हैं नही और इस बात का इतिहास भी गवाह है।

पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ जब इससे पहले पंजाब प्रोविंस के मुख्यमंत्री रहे तब भी वो मनी लॉंड्रिंग के कई मामलों में फंसे।

आपको जान कर हैरानी होगी कि नवाज़ शरीफ पर पाक सरकार के एक हजार करोड़ रूपए की हेरा- फेरी का आरोप है। शरीफ परिवार की कुल संपत्ति चार हजार करोड़ रूपये है। आरोप है कि नवाज ने ग़लत तरीके से ये रक़म जुटाई थी। पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की अवैध संपत्तियां हैं।

इसके अलावा पनामा खुलासे में भी पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ  और उनके परिवार का नाम आ रहा है।

नेशनल अकाउंटबबिलिटी ब्यूरो यानि 'नैब' के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ ने 32 मिलियन डॉलर का आर्थिक घोटाला किया ।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर 'नैब' के प्रवक्ता ज़फ़र इक़बाल ने जांच की जानकारी देते हुए बताया कि ब्यूरो ने


  • रेंटल पॉवर प्लांट से 2.012 अरब रुपए बरामद किए हैं।

  •  वहीं पाकिस्तान पॉवर से 109 करोड़ रुपए

  • 546 करोड़ रुपए टैक्नो इंजीनियरिंग से

  • 50 करोड़ रुपए यंग जेनेरेशन से

  • 225 करोड़ गल्फ कंपनी

  • 100 करोड़ रुपए रेशमा कंपनी से ं बरामद हुए हैं।


बहरहाल इन तमाम गंभीर आर्थिक घोटालों में घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के खिलाफ जांच के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आयोग गठित करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। साथ ही अदालत ने साफ किया कि आयोग के पास सुप्रीम कोर्ट की सारी शक्तियां होंगी।

आपको बता दें समाचारपत्र डॉन के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने यह फैसला पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (पीटीआई) पार्टी नेता इमरान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इमरान खान ने याचिका में मांग की है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर विदेशी कंपनियों में भारी पैसे लगाने के पनामा पेपर लीक के दावों की जांच की जाए।

खंडपीठ ने कहा, आयोग अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को देगा। आयोग की अध्यक्षता कौन करेगा और कौन-कौन इसके सदस्य होंगे, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ही करेगा।  मामले की अगली सुनवाई 3 नवम्बर को होगी।

इससे पहले मंगलवार को ही सुनवाई करते हुए पाकिस्तान तहरीके इंसाफ और पाकिस्तान मुस्लिम लोग (पीएमएल) को आदेश दिया था कि कि वे दो घंटे के अंदर लिखित में अपना पक्ष रखें कि आयोग के विचारार्थ विषय क्या हों।