जम्मू के निकट नरवाल में भीषण आग में तीन की मौत, 63 झुग्गियां राख

जम्मू शहर के निकट सटे नरवाल बाला क्षेत्र में एक खाली जमीन पर बर्मा के नागरिकों की झुग्गियों में बीते शुक्रवार देर रात रहस्यमय परिस्थितियों में लगी भीषण आग में तीन लोगों की जलने से मौत...

जम्मू के निकट नरवाल में भीषण आग में तीन की मौत, 63 झुग्गियां राख

जम्मू  शहर के निकट सटे नरवाल बाला क्षेत्र में एक खाली भूमि पर बर्मा के नागरिकों की झुग्गियों में  बीते शुक्रवार देर रात रहस्यमय परिस्थितियों में लगी भीषण आग में तीन लोग जलने से मौत हो गई और तीन अन्य बुरी तरह झुलसने की खबर आ रही है। उस रात झुग्गियों में सोए अन्य लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी व अपनी परिवार की जान बचाई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की नौ गाड़ियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

इस अग्निकांड में 50 झुग्गियों व 13 झुग्गियों में बने मदरसे सहित कुल 63 झुग्गियां पूरी तरह जल राख हाे गई, जबकि वहीं पर स्थित 30 झुग्गियों को बचा लिया गया। इसके अलावा पांच खोखे और इनमें रखा सामान पूरी तरह से तबाह हो गया। चार खोखों में किरयाना की दुकानें और एक खोखे में कपड़ों का कामकाज था। इस भीषण अग्निकांड से 400 के करीब बर्मा नागरिक प्रभावित हुए हैं। वहीं नोटबंदी की मार नरवाल बाला अग्निकांड पीड़ितों पर भी पड़ी। प्रशासन के खाते में नकदी नहीं होने की वजह से उन्हें मुआवजा राशि देने का एलान नहीं हो सका।

बता दें बीते शुक्रवार रात करीब साढ़े बारह बजे लगी आग देखते ही देखते एक-दूसरे से सटी लकड़ी और पालीथिन से बनी झुग्गियों में फैलती चली गई। गांधीनगर, सिटी सहित अन्य स्टेशनों की फायर टैंडर ने घटनास्थल पर पहुंचकर तीन घंटों की मशक्त के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में 60 परिवारों का सब कुछ आग में खाक हो गया। झुग्गियों में रखे फ्रिज, कूलर, पंखे, फर्नीचर, बिस्तर, कपड़े सहित बच्चों की किताबें तक जल गई।

इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह मिलते ही मंत्री, प्रशासन अमला व आसपास के लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने भी आग में तबाह हुए सामान में से सुरक्षित सामान को निकाला।

जम्मू के डिप्टी कमिश्नर सिमरनदीप सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को प्रभावितों को हुए नुकसान का सूची तैयार करने के दिशा निर्देश दिए। डीसी ने मीडिया काे बताया कि अग्निकांड के प्रभावितों को रेड क्रास की ओर से टेंट, कंबल, जूस, राशन का सामान, बर्तन और फोम शीट उपलब्ध करवा दी गई है। डीसी ने बताया कि अग्निकांड में जले और प्रभावित परिजनों को प्रशासन की ओर से सहायतार्थ राशि का एलान नहीं किया गया, चूंकि नोटबंदी के कारण सरकार की तरफ पैसों की निकासी के लिए तय की गई राशि की सीमा समाप्त हो चुकी है। अब सोमवार को ही निकासी के बाद उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श करने के बाद मुआवजा राशि बारे एलान संभव होगा। वहीं त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन में रहस्यमयी परिस्थितियों में लगी आग संबंधी मामला दर्ज कर लिया गया है

अग्निकांड के बाद शनिवार सुबह प्रभावित कुछ बच्चे आग की चपेट में आने से बची चावल की बोरी में से चावल इकट्ठा करने में जुट गए। कुछ बच्चों को आग में जल चुकी अपनी किताबों को लेकर मलाल था। नरवाल बाला स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली मरियम ने बताया कि उसकी सभी किताबें अब जल चुकी हैं। उसे अफसोस है कि वह अब स्कूल नहीं जा पाएगी। वहीं किरयाना की दुकान करने वाले रियाल उल उलूम भी काफी गमजदा दिखे। उन्होंने कहा कि उनका तो सब कुछ लुट गया। पिछले 10 वर्षो से जमा की गई पूंजी आग की चपेट में आने से पूरी तरह से तबाह हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी तरह अन्य 60 परिवारों का भी सब कुछ उजड़ गया है।