नोटबंदी न समझदारी-भरा कदम: अमर्त्य सेन

केंद्र सरकार के 500-1000 रुपये के बड़े पुराने नोटों को अचानक बंद कर दिए जाने के फैसले को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़े जा चुके अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि नोटबंदी न समझदारी भरा कदम है।

नोटबंदी न समझदारी-भरा कदम: अमर्त्य सेन

केंद्र सरकार के 500-1000 रुपये के बड़े पुराने नोटों को अचानक बंद कर दिए जाने के फैसले को लेकर नोबेल पुरस्कार विजेता और देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़े जा चुके अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि नोटबंदी न समझदारी भरा कदम है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ सेन ने कहा कि पीएम मोदी के इस कदम उठाने के पीछे के इरादे का समर्थन करता हूं, लेकिन इसे उठाने और लागू करने में रही कमियों की आलोचना करता हूं। उन्होंने कहा कि हम सभी चाहते हैं कि काले धन को लेकर कुछ किया जाए, लेकिन निश्चित रूप से वह समझदारी से मानवता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नए नोटों की आपूर्ति कम है, इसलिए बैंकों में सुबह-सुबह ही नकदी खत्म हो जाती है। एटीएम अभी तक रीकैलिब्रेट किए जा रहे हैं क्योंकि नए नोटों का आकार पुरानों की तुलना में छोटा है। औपचारिक बैंकिंग सेवाएं से अछूता ग्रामीण क्षेत्र खासतौर से नकदी का ज़ोरदार संकट झेल रहा है लेकिन इसके बावजूद भी बहुतों लोगों का कहना है कि वे पीएम के इस फैसले का समर्थन करते हैं।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को अचानक पुराने केंद्र सरकार ने पुराने बड़ नोटों पर प्रतिबंध लगा गिया था, जिसके बाद देश के लोगों के सामने नकदी का संकट खड़ा हो गया। वहीं इस फैसले को लेकर पीएम ने कहा था कि इस संकट में निपटने में 50 दिन लग सकते हैं, और जनता से अपील की थी कि वे राष्ट्रहित में कुछ समय की परेशानियों को बर्दाश्त करें, ताकि भ्रष्टाचार और कर चोरी की समस्याओं से लड़ा जा सके।