नोटबंदी से महाराष्ट्र में डांस बार अप्रभावित, समानांतर मुद्रा पर चल रहा है

महाराष्ट्र में चल रहे अवैध डांस बाराे में नाेटबंदी के बाद से यहं पर पुराने नाेटाें का चल बंद नही हुआ है

नोटबंदी से महाराष्ट्र में डांस बार अप्रभावित, समानांतर मुद्रा पर चल रहा है

भारत सरकार के नाेटबंदी के फैसले से जहां पर पूरे देश की जनता काे परेशानीयाें का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पर महाराष्ट्र के डांस बार में पुराने नाेट काे स्विकार किए जा रहें है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में चल रहे अवैध डांस बाराे में नाेटबंदी के बाद से यहं पर पुराने नाेटाें का चल बंद नही हुआ है। मुंम्बई के व्यपारियाें, गेंगस्टराें आैर नेताआें इन जगहाें पर बड़े आराम से अपना काला धन काे खपा रहे हैं।

जहां पर 500 आैर 1000 के नाेटाें के बदले नए 500 आैर 2000 के नाेट चल रहे हैं वहीं पर इन डांस बाराें में नए नाेटाें के समक्ष नकली नाेट बनाया गया है। जिस पर गांधी का फाेटाें भी है। यह पैसाें काे बार बालाआें पर उड़ाने के लिए बनाया गया है।

इस नकली नाेटाें में गवर्नर की हस्ताकक्षर के बदले संता क्लाॅज का हस्ताकक्षर है जिसमें यह भी लिखा हुआ है कि हम धारक काे बच्चाें के बैंकाे द्वारा 20 रुपए का कूपन दे रहे है खेलने के लिए दे रहे है। जाे कि एक कानून अपराध भी है।

मीडिया से मिल रही खबराें के मुताबिक इन डांस बाराें में ग्राहक जा कर उन नकली नाेटाें काे बार पर उड़ाते है। इसी तरह की नकली नाेट मुंबई की सभी डांस बाराें में देखा गया है। इन बाराें में महिला डांसर पर पैसे उड़ाने के लिए ग्राहकाें से 2000 के नए नाेट काे लेकर उनकाे 1800 रुपए कैश दिया जा रहा है।

कानून और प्रवर्तन के बावजूद, बार स्वतंत्र रूप से संचालन किया जा रहा है। पुलिस भी इन इलाकाें के आसपास के क्षेत्र में नहीं दिखे गए। इन सलाखों में महिलाओं नर्तकियों बेशर्मी से नकली नोटों के बदले में 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को स्वीकार कर रहीं है। यहां महिलाओं आैर कलाकारों काे कमीशन पर काम के लिए रखा गया है। जाे की यह 'कट' के रूप में  करार दिया गया है।