जन-धन खातें से अब सिर्फ निकाल सकेंगे 10 हजार रूपए

नोटबंदी के बाद अब आरबीआई का कहना है कि जन-धन खातों में जमा राशि से खाताधारक सिर्फ 10 हजार रूपए ही निकाल सकेंगे...

जन-धन खातें से अब सिर्फ निकाल सकेंगे 10 हजार रूपए

नोटबंदी के बाद जन-धन खातों में जो राशि जमा हुई है उसमें काफी उछाल आया है जिसके बाद इन खातों से सिर्फ 10 हजार रूपए ही निकाल सकते हैं। रिजर्व बैंक ने जन-धन खाते से एक महिने में 10 हजार से ज्यादा राशि निकालने पर रोक लगा दी है। आरबीआई का कहना है कि जिन खातों की केवाईसी सारे दस्तावेज जमा हैं वो ही एक महिने में 10 हजार निकाल सकते हैं साथ ही आरबीआई का कहना है कि अगर किसी को 10 हजार निकालने के बाद भी कोई वाजिब जरूरत है तो बैंक के मैनेजर उनकों 10 हजार की राशि और दे सकेंगे।

वता दें कि केवाईसी के तहत बैंक खाताधारकों को अपना पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अद्यतन फोटो बैंक में जमा करनी होती है। बैंक खातों की संवेदनशीलता के अनुसार बैंक हर दो, आठ या 10 साल में खाताधारकों से ताजा केवाईसी दस्तावेज जमा करवाता है।

साथ ही आरबीआई ने कहा कि जिन खातों के केवाईसी दस्तावेज नहीं जमा हैं उनके खाताधारक नौ नवंबर के बाद 500 और 1000 के बंद किए जा चुके नोटों में जमा राशि में से एक महीने में केवल पांच हजार रुपये निकाल सकेंगे। ऐसे खाताधारक ज्यादा से ज्यादा 10 हजार रुपये ही बैंक से निकाल सकेंगे। आरबीआई ने कहा है कि वो ये कदम प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत बैंक खाता खुलवाने वाले मासूम किसानों और ग्रामीण खाताधारकों को कालाधन रखने वालों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए उठा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2014 में जन धन योजना शुरू की थी। तब से नौ नवंबर 2016 तक देश भर के जन धन खातों में 45,636.61 करोड़ रुपये जमा थे। नोटबंदी की घोषणा के बाद 14 दिनों में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले बैंक खातों में जमा की जाने वाली राशि में 33 गुना की बढ़ोतरी हुई है। 31 मार्च 2016 से नौ नवंबर 2016 के बीच जन धन खातों में औसत साप्ताहिक जमाराशि 311 करोड़ थी। लेकिन नोटबंदी के बाद के दो हफ्तों में ये राशि बढ़कर 10,500 करोड़ रुपये हो गई है। इस तरह आम तौर पर जितनी राशि जन धन खातों में एक साल में जमा होती करीब उतनी ही राशि पिछले 14 दिनों में जमा की गई है।