नाभा जेल से आतंकियों को भगाने के लिए अफसरों ने लिए थे 50 लाख रूपए

नाभा की जेल से आतंकियों को भगाने के लिए अफसरों ने की थी पूरे 50 लाख की डील...

नाभा जेल से आतंकियों को भगाने के लिए अफसरों ने लिए थे 50 लाख रूपए

पटियाला नाभा की जेल में कड़ी सिक्युरिटी होने के बावजूद वहां से आतंकियों का भाग जाना ये खबर सभी को चौका देने वाली थी और इस खबर ने जेल से जुड़े सभी अफसरों को शक के घेरे में ला दिया था। लेकिन ये शक सही होगा ये किसी को पता नहीं था। आपको बता दें की जेल से आतंकियों-गैंगस्टरों को भगाने के पीछे जेल के अफसरों का ही हाथ है। उन्होंने इसके लिए 50 लाख रुपए लिए। जेल से करीब 150 मीटर दूर शगुन स्वीट शाॅप पर डील हुई। इस दुकान के मालिक तेजिंदर शर्मा उर्फ हैप्पी ने बीच की कड़ी का काम किया। उसी की दुकान पर पैसे का लेन-देन हुआ।

बता दें कि जेल में घुसने के लिए बदमाशों ने कई बार रेकी की। उसके बाद कई बार मीटिंग भी इसी दुकान पर हुई। गैंगस्टरों को भगाने के बाद कुछ लोगों को छुपाने की जिम्मेदारी भी स्वीट शॉप के मालिक तेजिंदर शर्मा ने निभाई। पुलिस ने सारे सबूत जुटाकर जेल के असिस्टेंट सुपरिटेडेंट भीम सिंह, हेड वार्डन जगमीत सिंह और तेजिंदर शर्मा को अरेस्ट कर लिया है। कुछ और लोग भी इस मामले में शामिल हैं। एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि तेजिंदर ने कैदियों के भागने में मदद करने के लिए पैसे लिए और आगे पहुंचाए। तेजिंदर को कितने पैसे मिले, इसकी जानकारी रिमांड के दौरान ली जाएगी।

गौरतलब है कि गैंगस्टरों ने पुलिस की वर्दी में जेल के भीतर गोलीबारी कर अपने साथियों को छुड़ा लिया था। जेल ब्रेक के सभी आरोपी फरार हैं। होम सेक्रटरी की अगुआई में बनी कमेटी ने हैरानी जताई है कि जिस जेल की सिक्युरिटी के लिए 197 पुलिसवालों की जरूरत है, वहां सिर्फ 71 तैनात थे।
इनमें से भी 27 पैस्को के कर्मचारी हैं, जिनके पास कोई हथियार नहीं होता और न ही इन्हें हथियार चलाने का हक है।

एसएसपी चौहान ने बताया कि आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड के दौरान जेल ब्रेक से जुड़े दूसरे आरोपियों की पहचान और उनके रोल के बारे में पता चल पाएगा। सुबह 6:30 बजे:रूटीन की तरह कैदियों की बंदी छूटी। सेखों असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट भीम सिंह के दफ्तर गया। दोनों में 15 मिनट बात हुई। इसके बाद भीम ने ऑर्डर दिया कि सेखों और उसके साथियों से कोई मिलने आ रहा है, उन्हें दियोड़ी में आने दिया जाए।

8:51 बजे:गुरप्रीत सेखों, कुलप्रीत नीटा दयोल, विक्की गौंडर, अमन, आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू और कश्मीर सिंह जेल की दियोड़ी में आ गए और इंतजार करने लगे। आमतौर पर कैदियों को यहां तक पहुंचने की इजाजत नहीं है। 9:01 बजे: पलविंदर पिंदा, प्रेमा लाहौरिया और उसके साथी पुलिस की वर्दी में आए और दियोड़ी का दरवाजा खुलवाया। सेखों और उसके साथियों ने हमला कर दिया। लगातार फायरिंग होती रही और इसी के बीच आतंकी भाग गए।