धार्मिक संस्थाओं को भी देना होगा हिसाब

जो धार्मिक और सामाजिक संस्थाए काला को उजला करने के खेल में लगी है। सरकार की उन पर पैनी नजर है। केंद्र सरकार उन पर कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुकी है।

धार्मिक संस्थाओं को भी देना होगा हिसाब

नई दिल्ली। ब्लैकमनी का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब चैरिटेबल ट्रस्ट और धार्मिंक संस्थाओं को नोटिस भेजा है। नोटिस के जरिए ऐसे चैरिटेबल ट्रस्ट और धार्मिंक संस्थाओं से 8 नवंबर तक मिलने वाले डोनेशंस की जानकारी मांगी गई है, जिन्हें टैक्स छूट मिली हुई है। 8 नवंबर को ही सरकार ने 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट पर बैन लगाने की घोषणा की थी।

 एहतियातन उठाया गया कदम

आईटी डिपार्टमेंट को ऐसा लग रहा है कि बहुत से लोग नोट बैन के बाद अपनी ब्लैकमनी को चैरिटेबल ट्रस्ट, एनजीओ और धार्मिंक संस्थाओं में दान कर खपाने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से आईटी डिपार्टमेंट ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।

 चैरिटेबल कांट्रीब्यूशन पर नजर

आईटी डिपार्टमेंट का कहना है कि ऐसे 100 इंस्टीट्यूशंस को नोटिस भेजा गया है। इनमें चैरिटेबल ट्रस्ट, एनजीओ, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और धार्मिंक संस्थाएं शामिल हैं। आईटी डिपार्टमेंट की यह नजर है कि कहीं लोग अपनी ब्लैकमनी को चैरिटेबल कांट्रीब्यूशन के नाम पर तो नहीं खपा रहे हैं। ऐसे में 8 नवंबर तक और उसके बाद होने वाले कैश बैलेंस से यह पता चल सकता है कि किस संस्था को कितना और कहां से दान मिला है। इन संस्थाओं से 31 मार्च से 8 नवंबर तक कैश डोनेशन की रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है। इसके बाद सभी डॉक्युमेंट्स की स्क्रूटनी की जाएगी। जिसकी रिपोर्ट 30 दिसंबर के बाद सरकार को दी जाएगी। वहीं इनकम टैक्स ऑफिशियल्स भी इन संस्थाओं को एडवाइज दे रहे हैं कि 8 नवंबर के बाद इस तरह के दान न स्वीकार किए जाएं।

आपको बता दें कि नोटबंदी के फैसले के बाद से कई धार्मिक संस्थाओं और समाज सेवी संस्थाओं द्वारा काला को उजला  किए जाने का मामला सामने आया है।